इस रिपोर्ट से हुआ खुलासा, 1962 के बाद दोबारा हमला कर सकता था चीन

नई दिल्ली (27 जनवरी): अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की खबर के अनुसार 1962 के बाद चीन एक बार फिर भारत पर हमला कर सकता था। ये हमला तिब्बत, म्यांमार या फिर नेपाल-भूटान के रास्ते किया जा सकता था।

पड़ोसी देशों पर हमला कर सकता है चीन...

- 1963 से अमेरिकी इंटेलिजेंस ऑफिशियल्स चीन के भारत को लेकर रुख पर स्टडी कर रहे हैं।

- हाल ही में कुछ डिक्लासिफाई डॉक्युमेंट्स सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) की वेबसाइट पर लोड किए गए हैं।

- बीते महीनों में सीआईए, डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (डीआईए) और यूएस इंटेलिजेंस बोर्ड (USIB) ने कई एसेसमेंट किए। इसके मुताबिक चीन अपने पड़ोसी देशों पर हमला कर सकता है।

क्या कहते हैं डीआईए के डॉक्युमेंट्स?

- 1962 में हुई भारत-चीन जंग के 6 महीनों के अंदर ही डीआईए ने 'द चाइनीज कम्युनिस्ट ग्राउंड थ्रेट टू इंडिया' नाम से रिपोर्ट बनाई थी।

- इसमें चीन के नेपाल-भूटान और असम में नॉर्थ-ईस्टर्न फ्रंटियर एजेंसी (NEFA) के रास्ते लद्दाख में अटैक में करने की बात कही गई थी।

- रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि चीन लेह, जोशीमठ के उत्तरी हिस्से, नेपाल, NEFA और नॉर्थ असम में कब्जा कर सकता है।

- सीआईए और डीआईए की रिपोर्ट बताती है कि चीन का ऑपरेशन उसी स्थिति में बिगड़ेगा जब लॉजिस्टिक्स में कुछ बिगड़ाव हो या फिर मौसम साथ न दे।

म्यामांर नहीं करेगा चीन का विरोध

- 1963 के सीआईए और यूएसआईबी के मेमोरेंडम में कहा गया है कि बर्मा (अब म्यामांर) सरकार भारत पर हमला करने जा रहीं चीनी फौजों का विरोध नहीं करेगी। बल्कि उन्हें ट्रांसपोर्टेशन और हवाई पट्टी मुहैया कराएंगी।

- बर्मा से चीन दो रास्तों से भारत पर अटैक करेगा। एक- लेडो होते हुए कुनमिंग-डिब्रूगढ़ रोड। दूसरा मांडले-इम्फाल होते हुए कुनमिंग-तेजपुर रोड।

- हालांकि रिपोर्ट में हवाई हमले के खतरे को कम बताया गया है। इसकी वजह हिमालय क्षेत्र में सही बेस नहीं मिलना बताया गया है।