अरुणाचल के कुछ इलाकों समेत मेघायल से हटाया गया AFSPA

नई दिल्ली (23 अप्रैल): मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट (AFSPA) मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों से भी इस कानून को हटाने का निर्णय किया है। इस कानून का स्थानीय लोग लंबे समय से विरोध करते आए हैं। इसमें सुरक्षाबलों को विशेषाधिकार हासिल हैं।

साल 2017 में पूर्वोत्तर में उग्रवादी घटनाएं 37 फीसदी तक घटी हैं और इसी के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया, जोकि 31 मार्च से अमल में आ गया है। इसके अनुसार पूरे मेघालय से इस कानून को हटाया गया है। साथ ही असम के सीमावर्ती इलाकों के 16 पुलिस स्टेशनों और आउटपोस्ट से घटाकर 8 तक सीमित कर दिया गया है।

हिंसा की घटनाओं पर लगाम लगाने के ऑपरेशन में (NDFB-S) के 63 काडर निष्क्रिय हुए हैं और इनमें में 1000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। इलाके में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने इसी साल मार्च में 10 रिजर्व बटालियन बनाने की घोषणा की थी। इसमें असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा के लिए दो-दो बटालियन निर्धारित की थीं। इन नई बटालियन के खर्च में आने वाली लागत का 75 फीसदी और इनके लिए आधारभूत सुविधाएं बनाने में आने वाली लागत का 50 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी।