अफगानिस्तान में हमले और तेज करेगा तालिबान


नई दिल्ली(28 अप्रैल): अफगान तालिबान ने अपने हमलों में और तेजी लाने की घोषणा की है।


- संगठन की ओर से 'स्प्रिंग अफेंसिव' शुरू करने का ऐलान करने के साथ ही यह भी बताया गया है कि इस कार्रवाई के द्वारा वह अफगानिस्तान में अपनी राजनैतिक पकड़ को ओर मजबूत करने की कोशिश करेगा। साथ ही साथ, तालिबान ने अफगान सुरक्षा बलों और उसके समर्थन में लड़ रही अमेरिकी गठबंधन सेना पर सैन्य हमले बढ़ाने की भी बात कही है।


- तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने एक बयान कहा कि अफगानिस्तान के आधे से भी ज्यादा हिस्से पर तालिबान का शासन है। इससे पहले अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए नियुक्त वॉशिंगटन के स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल ने फरवरी में कहा था कि देश के आधे से ज्यादा भूभाग पर तालिबान का कब्जा बरकरार है। जबिउल्लाह के बयान में इस रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है। इस रिपोर्ट में पिछले साल का आंकड़ा देते हुए कहा गया था कि देश के केवल 52 प्रतिशत, यानी मात्र 407 जिलों पर ही अफगान सरकार का नियंत्रण है। एक साल पहले यह अफगानिस्तान के कुल इलाके के करीब 63.4 फीसदी हिस्से पर अफगान सरकार का प्रभाव था।


- तालिबान ने इस साल के अपने 'स्प्रिंग अफेंसिव' को 'ऑपरेशन मनसोरी' नाम दिया है। पिछले साल अमेरिका द्वारा किए गए एक ड्रोन हमले में मारे गए तालिबानी नेता मुल्ला अख्तर मनसोर के नाम पर यह नाम रखा गया है। बयान में आगे लिखा है, 'इन बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस साल यह मनसोरी ऑपरेशन पहले की कार्रवाइयों से अलग होगा। इसके पीछे हमारा मकसद केवल सैन्य बढ़त हासिल करना ही नहीं है, बल्कि इसके द्वारा हम अपनी राजनैतिक पकड़ को और मजबूत करने पर भी ध्यान देंगे।'