पहली बार इस मुस्लिम देश में लड़कियां गुलाबी ड्रेस में सीख रहीं कराटे, देखें

नई दिल्ली (10 फरवरी): मुस्लिम देशों में लड़कियों और औरतों को लेकर कई पाबंदिया है। लेकिन अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पश्चिमी क्षेत्र में बर्फ से ढकी पहाड़ियों पर इन दिनों गुलाबी ड्रेस पहनकर कुछ लड़कियों का झुंड अक्सर ही दिख जाता है। यह सभी हाड़ कंपाने वाली सर्दी में सुबह-सुबह तैयार होकर यहां कराटे (वूशु) सीखने आती हैं।

अफगानिस्तान की पहली महिला कराटे कोच 20 साल की सीमा अजिमी इन सभी लड़कियों को कराटे का प्रशिक्षण दे रही हैं।

अजिमी ने इससे पहले ईरान में कराटे की ट्रेनिंग ली और वहां इसमें मेडल भी जीता था। वह कहती हैं, मैं चाहती हूं कि अब अफगानिस्तान की लड़कियां अपनी आत्मरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कराटे में देश के लिए मेडल भी जीतें।

अफगानिस्तान में फिलहाल कराटे तो दूर कई जगहों पर लड़कियों के खेलने पर भी पाबंदी है। उन्हें घर से बाहर जाकर खेलने की सख्त मनाही है।

आजिमी के कराटे क्लब में ज्यादातर लड़कियां शिया मुस्लिम समुदाय से हैं जो सामान्यत: समाजिक रूढ़ियों के प्रति थोड़े उदार माने जाते हैं और लड़कियों को घर से बाहर जाकर खेलने की इजाजत दे रहे हैं। हालांकि इन लड़कियों की राह आसान नहीं है। उन्हें काफी धमकियां मिल रही हैं।