मोदी सरकार ने किया ये काम, अब लोगों को मिलेंगे सस्‍ते घर

नई दिल्ली (15 जून): अगर आप घर खरीदने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है, क्योंकि 2022 तक सबको घर देने के नरेंद्र मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत प्राइवेट डेवलपर्स को जोड़ने के लिए सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पॉलिसी फॉर अफोर्डेबल हाउसिंग का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।

इसके मुताबिक, प्राइवेट डेवलपर्स को सरकार जमीन के साथ 15 से 20 साल तक सालाना ग्रांट भी दिया जाएगा। इतना ही नहीं, प्राइवेट लैंड पर भी पीपीपी मॉडल के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्‍ट्स बनाने की इजाजत भी दी जाएगी। इन प्रोजेक्‍ट्स में घर खरीदने वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना के फायदे मिलेंगे।

क्‍या है सरकारी जमीन पर पीपीपी मॉडल?

- प्राइवेट डेवलपर्स यह जवाब देते हैं कि पूरे देश में जमीन की कीमतें बहुत ज्यादा हैं, इसलिए सस्‍ते घर नहीं बनाए जा सकते हैं। इसलिए इस पॉलिसी में सरकारी जमीन पर पीपीपी मॉडल को शामिल किया गया है। इसमें जमीन सरकार देगी और डेवलपर्स को वहां सस्‍ते घर बनाने होंगे। इस मॉडल को छह कैटेगिरी में बांटा गया है, जिसकी अलग शर्तें हैं।

 

क्‍या है प्राइवेट लैंड पर पीपीपी मॉडल

- इसमें प्राइवेट डेवलपर्स को अपनी जमीन पर अफोर्डेबल हाउसिंग बनानी होगी, लेकिन उसके लिए सरकार उसे कई तरह की छूट और फाइनेंशियल इन्शेंटिव देगी।

- यह छूट स्‍टेट सब्सिडी, स्‍टाम्‍प ड्यूटी पर छूट, एक्‍सटर्नल और इंटरनल डेवलपमेंट चार्ज पर छूट, एफएआर में इजाफा, ट्रांसफर डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) के रूप में हो सकती है।

- साथ ही, सरकारी अथॉरिटी यह भी सुनिश्चित करेगी कि उनके प्रोजेक्‍ट को सिंगल विंडो क्लियरेंस दी जाए। इस मॉडल के दो तरह की कैटेगरी बनाई गई हैं।