ऊंची आवाज में बहस पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार, वरिष्ठ वकील ने छोड़ी प्रैक्टिस

नई दिल्ली (12 दिसंबर): पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं के व्यवहार पर गंभीर आपत्ति जताई।  चीफ जस्टिस की कड़ी टिप्पणी के बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने प्रैक्टिस छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने इस संबंध में CJI मिश्रा को खत लिखकर इस बारे में अवगत कराया और कई गंभीर आरोप भी लगाए। धवन ने खत में लिखा कि दिल्ली बनाम केंद्र सरकार केस के दौरान अपमान के बाद मैंने कोर्ट प्रैक्टिस छोड़ने का फैसला लिया है।

उल्लेखनीय है कि  5 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मुद्दे पर सुनवाई चल रही थी, इस दौरान वहां कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, राजीव धवन और दुष्यंत दवे सहित अनेक वरिष्ठ वकील मौजूद थे। ये सभी वकील ऊंची आवाज में दलीलें पेश कर रहे थें। राजीव धवन ने तो वॉकआउट तक की धमकी दे डाली थी। धवन और चीफ जस्टिस के बीच तब तीखी बहस भी हुई थी। धवन का कहना है कि इस केस की सुनवाई के दौरान उन्हें अपमानित किया गया जिससे खफा होकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की प्रैक्टिस छोड़ने का निर्णय किया। कोर्ट ने उस दौरान अदालत में सुनवाई के दौरान धौंस जमाने और ऊंची आवाज में बोलने वाले वकीलों के आचरण को शर्मनाक बताया था। साथ ही कहा था कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ वकील सोचते है कि वे ऊंची आवाज में बहस कर सकते हैं, जबकि वे यह नहीं जानते कि इस तरह की बहस सिर्फ यह बताती है कि वे वरिष्ठ अधिवक्ता होने के लायक नहीं है।