मनरेगा मजदूरों को लेकर सरकार का ऐलान

नई दिल्ली (8 नवंबर): आधार को लेकर केंद्र सरकार ने एक और बडा़ फैसला किया है। अब एक अप्रैल से मनरेगा के तरह काम करने वाले लोगों के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा के तहत प्रत्येक परिवार के एक सदस्य 100 दिन का रोजगार अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाता है।

जानकारी के मुताबिक मनरेगा के तहत जो लोग पंजीकरण कराते हैं, उन्हें आधार की प्रति देनी होगी या उन्हें 31 मार्च 2017 तक पंजीकरण प्रक्रिया से गुजरना होगा। उसने कहा कि जबतक संबंधित व्यक्ति के पास आधार नहीं आ जाता तबतक राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, तस्वीर के साथ किसान पासबुक, मनरेगा के तहत जारी रोजगार कार्ड तथा राजपत्रित या तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाणपत्र पहचान के रूप में स्वीकार होगा।

जिन लोगों ने आधार के लिए आवेदन किया है, वे पंजीकरण का पर्चा  या आवेदन की प्रति संबंधित अधिकारियों को दे सकते हैं। अधिकारी ने कहा, केंद्र जम्मू कश्मीर और कुछ अन्य राज्यों के लिए आधार का पंजीकरण को अनिवार्य किए  जाने के लिए  जरूरी आदेश जारी कर रहा है। लोगों को आधार संख्या हासिल करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो, इसके लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार ने इसके लिये आधार वित्तीय एवं अन्य सब्सिडी, लाभ एवं सेवाओं की लक्षित डिलीवरी कानून 2016 की धारा सात का उपयोग किया है। इस धारा के तहत यह अनिवार्य है कि जहां सरकार भारत के संचित निधि से सब्सिडी, लाभ या सेवा देती है, वहां संबंधित व्यक्ति से सत्यापन या आधार संख्या होने के बारे में साक्ष्य मांगे जा सकते हैं।