2017-18 में भारत की GDP चीन से रहेगी आगे: एशियाई विकास बैंक

नई दिल्ली (6 अप्रैल): एशियाई विकास बैंक (ADB) के ताजा आंकड़ों ने चीन की चिंता बड़ा दी है। वहीं ADB के आंकडें भारत के लिए खुशखबरी लेकर आए हैं। एशियाई विकास बैंक के इकॉनोमिक पब्लिकेशन के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2017-18 में भारत की GDP चीन की GDP से आगे रहेगी। भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2017-18 में सुधरकर 7.4 प्रतिशत और इससे अगले वित्त वर्ष में और बढ़कर 7.6 प्रतिशत रह सकती है। वहीं चीन की विकास दर 2017 में 6.5 फीसदी तक रहेगी और अगले वित्त वर्ष में यह 6.7 फीसदी रहने की उम्‍मीद है। इस प्रकार 2017-18 में आर्थिक वृद्धि के मामले में भारत चीन से आगे बना रहेगा। इकॉनोमिक पब्लिकेशन में भारत की तारीफ करते हुए कहा गया है कि देश में नोटबंदी के प्रतिकूल प्रभावों की आशंका के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने यह वृद्धि दर हासिल की है। अब नोटबंदी का असर खत्‍म रहा है नए नोट मार्केट में आ चुके हैं जिससे देश में बि‍जनेस कॉन्‍फि‍डेंस और नि‍वेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। ADB के मुताबि‍क बीते कुछ सालों में भारत ने आर्थि‍क सुधार के मोर्चे पर कई प्रयास कि‍ए हैं, जि‍नमें व्यापार के लिए बेहतर माहौल बनाना, वि‍देशी नि‍वेश के पुराने तरीकों में बदलाव करना और वि‍कास को बढ़ावा देने के मकसद से GST को लागू करना शामि‍ल है। वहीं चीन की सरकार वि‍त्‍तीय स्‍थि‍रता को बरकरार रखने के लि‍ए जो भी प्रयास कर रही है उससे आर्थि‍क वि‍कास को थोड़ा बल ही मि‍ल पाएगा।


भारत के प्रयास चीन पर भारी- एडीबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय और राजकोषीय स्थायित्व के लिए चीन की सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। लगातार ढांचागत सुधारों से आर्थिक वृद्धि दर को सरकार के तय लक्ष्य के दायरे में बनाये रखने में मदद मिलेगी। दूसरी तरफ पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आर्थिक सुधारों के मोर्चे पर कई कदम उठाये हैं। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अधिक उदार बनाया है और वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को लागू करने की दिशा में अहम पहल की है। कारोबारी परिदृश्य को सुगम बनाने के लिये भी कदम उठाये हैं।


चीन ने खुद माना इस साल विकास दर रहेगी कम- चीन ने 2017 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का लक्ष्य करीब 6.5 फीसदी रखा। चीन ने पिछले वर्ष 6.5 से 7 फीसदी का लक्ष्य रखा था। दूसरी ओर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर सात प्रतिशत रही है। चीन की शीर्ष विधायिका नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के वार्षिक सत्र के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ली क्विंग ने ये रिपोर्ट पेश की। 2016 में चीन की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही थी। यह पिछले 26 साल का सबसे निचला स्तर था। 2015 में चीन की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रही थी। हालांकि इस साल के लिए चीन ने शहरी क्षेत्रों में 1.1 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रखा है, जो 2016 की तुलना में 10 लाख अधिक है।


चीन ने की नौकरियों में भारी कटौती- चीन ने हाल में पांच लाख नौकरियों में कटौती की घोषणा की थी और उन्हें अन्य स्थानों पर रोजगार देने का वादा किया था। प्रत्येक साल चीन में 70 लाख स्नातक रोजगार बाजार में आते हैं। प्रधानमंत्री ली क्विंग ने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था धीमी पर सतत वृद्धि दर्ज कर रही है। पिछले साल चीन का सकल घरेलू उत्पाद 74,400 अरब युआन या 11,000 डॉलर पर पहुंच गया, जो 6.7 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।


वर्ल्ड बैंक भी लगा चुका है भारतीय अर्थव्यवस्था का सही अनुमान- वर्ल्ड बैंक ने अनुमान लगाया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनियां में सबसे तेज विकास करने वाली अर्थव्यवस्था होगी। अनुमानित तौर पर यह भी कहा है कि भारत ग्रोथ रेट के हिसाब से चीन को भी पछाड़ देगा। मोदी सरकार 2015-16 में देश की GDP ग्रोथ रेट 8.1-8.5 फीसदी से घटाकर 7-7.5 फीसदी रहने का अनुमान जता चुकी है। लेकिन वर्ल्ड बैंक का अनुमान सरकार से ज्यादा है। वर्ल्ड बैंक के अनुसार 2016 में भारत की ग्रोथ रेट 7.8 फीसदी रही है। वहीं चीन के लिए यह अनुमान 6.7 फीसदी का है जो कि भारत से कम है। इस रिपोर्ट में बांग्लादेश की 6.7 फीसदी और पाकिस्तान की 5.5 फीसदी की दर से आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।