आदर्श सोसायटी पर कब्जा लेने पहुंची सेना...

नई दिल्ली (29 जुलाई): विवादों में फंसी आदर्श इमारत पर केंद्र सरकार की तरफ से सेना कब्जा लेने पहुंच गई है। 22 जुलाई 2016 को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि जब तक सोसायटी की स्पेशल लीव पिटीशन पर अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक वह इसे अपने कब्जे में ले और ख्याल रखे कि कोई इस पर अवैध कब्जा नहीं कर पाए।

इसके पहले 29 अप्रैल 2016 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने इमारत को गिराने का आदेश दिया था, जिसके विरोध में आदर्श हाउसिंग सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है। कोलाबा में सेना की जमीन पर बनी 31 मंजिला इमारत आदर्श हाउसिंग सोसायटी पर नियमो में हेरफेर कर निर्माण करने का आरोप है। आरोप यह भी है कि जिस भी संबंधित विभाग में आदर्श की फाइल गई उसके बड़े अफसर को बदले में एक फ्लैट मिला।

सेना की जमीन कारगिल के शहीदों के नाम पर ली गई लेकिन बाद में मंत्री, नेता, सरकारी बाबू और सेना के अफसरों ने इसमें बंदरबांट कर फ्लैट हथियाया। साल 2010 में मामला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने जांच कमीशन की रिपोर्ट बिठाई थी। सीबीआई भी एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, बीएमसी के पूर्व आयुक्त जयराज पाठक, पूर्व शहरी सचिव रामानंद तिवारी जैसे 16 बड़े लोग मामले में आरोपी हैं।

बताया जाता है कि 31 मंजिला इस इमारत में 102 फ्लैट हैं। आज के दिन में एक फ्लैट की कीमत 10 करोड़ के आसपास है जबकि बनाते समय प्रति सदस्य सिर्फ 85 लाख के करीब खर्च आया था।