जेल से रिहा संजय दत्त सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे

मुंबई(25 फरवरी): बॉलिवुड अभिनेता संजय दत्त गुरुवार सुबह पुणे की येरवड़ा जेल से रिहा हो गए। संजय दत्त को अवैध हथियार रखने के केस में 5 साल की सजा सुनाई गई थी। उनकी रिहाई से पहले पत्नी मान्यता दत्त परिवार के साथ पुणे पहुंच गई हैं।

संजय दत्त गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे पुणे की यरवदा जेल से बाहर आ गए। वे चार्टर्ड प्लेन से मुंबई पहुंचे।  मुंबई पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले सिद्धी विनायक मंदिर में मत्था टेका। वहां मीडिया कर्मियों से उन्होंंने कहा कि वो आज अपने प्रशंसकों और शुभेच्छुओं की वजह से आज यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जेल से आजादी की राह आसान नहीं थी। उधर, राजकुमार हिरानी ने कहा,'' बहुत खुशी है कि संजय दत्त वापस आ गए। लंबे समय से हमारा साथ रहा है। हमारा साथ आगे भी बना रहेगा।'' संजय दत्त की बहन प्रिया दत्त ने कहा, '' 23 साल का संघर्ष, इश्यू खत्म हुआ।  आज पिताजी जिंदा होते तो वे काफी राहत महसूस करते।'' जेल से रिहा होते ही संजय दत्त ने पुलिस को सलाम किया। पलटकर जेल को देखा और गाड़ी में बैठकर एयरपोर्ट रवाना हो गए। वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट में संजय की रिहाई के खिलाफ पिटीशन दायर हुई है, जिस पर गुरुवार को ही सुनवाई होनी है। 

1993 ब्लास्ट के बाद संजय को एके-47 और दूसरे हथियार रखने के केस में राकेश मारिया ने अरेस्ट किया था। संजय दत्त को टाडा की कोर्ट ने दोषी करार दिया। उन्हें 5 साल की सजा सुनाई गई।सुप्रीम कोर्ट में भी सजा के खिलाफ उनकी अर्जी खारिज हो गई। कोर्ट ने कहा था कि 18 महीने वे जेल में गुजार चुके हैं, लेकिन 42 महीने की सजा उन्हें और काटनी होगी।

इसके बाद 21 मई, 2013 से पुणे की यरवदा जेल में गए। संजय दत्त को अच्छे बर्ताव के चलते उन्हें 103 दिन पहले रिहा किया जा रहा है।

प्रदीप भालेकर ने हाईकोर्ट में संजय की रिहाई के खिलाफ पिटीशन लगाई है। वे पहले भी संजय की रिहाई रोकने के लिए हाईकोर्ट को चिट्ठी लिख चुके हैं। पिटीशन में प्रदीप ने कहा है कि संजय की रिहाई को रोका जाना जनहित में होगा। पिटीशन पर सुनवाई होनी है।