बेनामी प्रॉपर्टी कानून लागू होने के बाद अब तक की बड़ी कार्रवाई, 38 संपत्तियां जब्त

नई दिल्ली (27 सितंबर): आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति कानून लागू होने के बाद अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति कानून तहत कोटा, भीलवाड़ा और जयपुर में 38 संपत्तियां और जब्त की है। नोटबंदी के बाद आयकर विभाग की ओर से प्रदेश में अब तक कुल 100 बेनामी संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। बेनामी संपत्तियों को अटैच करने का आंकड़ा 100 पर पहुंचते ही राजस्थान इस मामले में देश के टॉप-5 राज्यों में शुमार हो गया है।

राजस्थान के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार और बेंगलुरू में बड़े स्तर पर इस तरह के जब्त की कार्रवाई हुई है। बेनामी संपत्ति एक्ट लागू होने के बाद से देशभर में 400 बेनामी संपत्तियों के अटैचमेंट के केस बने हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बेनामी संपत्तियों को अटैच करने का कानून 1988 में बनाया था। इसके बाद इसमें कई संशोधन किए और 25 अक्टूबर 2016 को नोटिफाइड किया। यह कानून 1 नवंबर 2016 से लागू हो गया।

अटैचमेंट के अधिकांश मामलों में एसटी-एससी के लोगों के नाम से बिल्डर या व्यापारियों ने संपत्तियों की खरीद की है। इन मामलों में टिनेंसी एक्ट का वॉयलेशन हुआ है। इसके तहत एसटी-एससी की जमीनों की खरीद-फरोख्त पूरी तरह से जनरल कैटेगरी के व्यक्तियों या समूह के लिए हुई होती है। इसके अलावा एसटी-एससी के किसी व्यक्ति को डमी बनाकर ये खरीद-फरोख्त की जाती है।