इंदौर: आवारा पशुओं को लेकर पशुपालकों पर होगी रासुका कार्रवाई

नई दिल्ली (27 अगस्त): इंदौर में आवारा पशुओं को लेकर कलेक्टर ने पशुपालकों पर जिलाबदर और रासुका में कार्यवाही करने के आदेश जारी किये हैं। कल से प्रशासन की कार्यवाही शुरू हो जाएगी। वही यादव समाज भी आदेश के खिलाफ सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। उधर क़ानून के जानकारो ने कलेक्टर के आदेश पर ही सवालिया निशान लगा दिए हैं। 

प्रशासन ने ऐसे गो पालकों की सूची तैयार की है और दिनांक 27 अगस्त से कार्यवाही की शुरुआत की जायेगी। जिन गोपालकों के पशु सड़कों पर घूमते दिखेंगे उनके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के साथ जिलाबदर और रासूका के तहत भी कार्यवाही की जाएगी। इस कार्यवाही में प्रशासनिक अमले के साथ पुलिस और नगर निगम की टीम भी होगी। डीआईजी इंदौर संतोष सिंह ने बताया की प्रशासनिक कार्यवाही के दौरान पुलिस बल मौजूद होगा और आदेशानुसार कार्यवाही की जाएगी। डीआईजी ने यह भी बताया की ट्रैफिक व्यवस्था और पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं के चलते प्रशासन ने बैठक कर पशुपालकों जिलाबदर करने जैसे निर्णय लिए है।   

इधर, कानून के जानकार कलेक्टर के आदेश को विधि की मंशा के विपरीत बता रहे है। उनका कहना है की कलेक्टर गो पालकों को नोटिश जारी कर सकते थे।  उसका उल्लंघन होने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जा सकती थी। लेकिन जिला बदर और रासूका के तहत किसी भी गोपालक का अपराध सिद्ध करने में प्रशासन के पसीने छूट जायेंगे। यदि आरोपी गोपालक अपना पशु मानने से इंकार करने पर जानवरों को आईडेंटीफाई करना संभव नहीं है।  

गो पालकों के विरुद्ध कलेक्टर का आदेश वज्रपात की तरह गिरा है। यादव समाज आदेश के विरुद्ध मैदान में उतरने का मन बना चुका है। चेतावनी के लहज़े में उनका कहना है की तुगलकी फरमान के जरिये यदि ज्यादिति की गई तो वह कड़ा रुख इख्तियार करेंगे। बहरहाल प्रशासन अपने आदेश पर कितना खरा उतरता है ये आनेवाला वक्त बताएगा लेकिन इंदौर की सड़कें पशुओं से अटी पड़ी है इसमें कोई दोराह नहीं है।