पाक सरकार की फौज को चेतावनी- आतंकियों को खत्म करो, नहीं तो अलग-थलग पड़ जाएंगे

नई दिल्ली(6 अक्टूबर): पाकिस्तान की नवाज शरीफ सरकार ने पहली बार मिलिट्री लीडरशिप को सख्त वॉर्निंग दी है। सरकार ने कहा है कि आतंकियों का सफाया करना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो दुनिया में पाक को अलग-थलग करने से कोई रोक नहीं पाएगा।

पाक सरकार ने साफ कर दिया है कि आतंकी गुटों पर कार्रवाई में मिलिट्री और इंटेलिजेंस कोई दखलन्दाजी न करे। बता दें कि उड़ी हमले के बाद भारत ने पाक को दुनिया से अलग-थलग करने की स्ट्रैटजी अपनाई थी। इसमें तब बड़ी कामयाबी मिली थी, जब 8 में से 5 देशों ने पाक का बायकॉट करते हुए नवंबर में सार्क समिट में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था।

- पाक के अंग्रेजी अखबार ‘द डॉन’ के मुताबिक, पाकिस्तान में हुई हाई लेवल मीटिंग में दो एक्शन प्लान तय हुए। पहले एक्शन प्लान के मुताबिक, आईएसआई के डीजी जनरल रिजवान अख्तर और पाक एनएसए नसीर जंजुआ चारों प्रोविन्स का दौरा करेंगे। वहां वे प्रोविन्शियल कमेटियों और आईएसआई के सेक्टर कमांडर्स से मिलेंगे।

- इससे यह मैसेज देना है कि मिलिट्री की अगुआई में चलने वाली इंटेलिजेंस एजेंसियां आतंकी गुटों पर कार्रवाई में किसी तरह की दखलन्दाजी नहीं करेंगी। अख्तर तो लाहौर के दौरे पर निकल भी गए हैं।

- दूसरे प्लान के मुताबिक, नवाज ने साफ तौर पर कहा है कि पठानकोट हमले की नए सिरे से जांच होगी। साथ ही, रावलपिंडी में एंटी-टेररिज्म कोर्ट में चल रहे मुंबई हमले का ट्रायल भी दोबारा शुरू होगा।

- बीते दिनों पंजाब प्रांत के सीएम शहबाज शरीफ (नवाज के भाई) और अख्तर के बीच जोरदार बहस हुई थी। ये फैसले उसी के बाद लिए गए। - सोमवार को पाक फॉरेन सेक्रेटरी एजाज चौधरी ने पीएमओ और मिलिट्री के अफसरों को अलग से प्रेजेंटेशन दिया। नवाज भी इस मीटिंग में थे।

- इसमें भारत के साथ हाल के घटनाक्रम और उसके बाद अन्य देशों के साथ डिप्लोमैटिक रिलेशन्स को लेकर चर्चा हुई।

- चर्चा का मुख्य मुद्दा यही था कि पाक विश्व बिरादरी से अलग-थलग पड़ चुका है। 

- अमेरिका के मु्द्दे पर चौधरी ने कहा, "उनसे हमारे रिलेशन्स में लगातार गिरावट आई है। इसकी वजह है कि वे हक्कानी समेत आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।"

- चौधरी ने ये भी कहा, "ये मांग भी थी कि पठानकोट हमले की जांच पूरी की जाए और जैश-ए-मोहम्मद पर ऐसी कार्रवाई हो जो समझ में आए।"

- चौधरी के मुताबिक, "चीन पाकिस्तान को सपोर्ट करता है, लेकिन अब वो भी जैश को लेकर हमारी रणनीति पर सवाल उठा रहा है।"

- चौधरी की बातों पर अख्तर ने पूछा कि पाक को दुनिया से अलग-थलग होने से रोकने के लिए किस तरह के कदम उठाने चाहिए।

- चौधरी ने सीधा जवाब दिया, "इंटरनेशनल कम्युनिटी की साफ मांग है कि मसूद अजहर और उसके संगठन जैश-ए-मोहम्मद, हाफिज सईद और लश्कर-ए-तैयबा और हक्कानी नेटवर्क पर कार्रवाई हो।"

- इस पर अख्तर ने संबंधित लोगों के अरेस्ट किए जाने की बात कही। लेकिन ये साफ नहीं हुआ है कि किसी खास शख्स या बैन किए गए ग्रुप के मेंबर को लेकर ये बात सामने आई।

- बता दें कि शहबाज शरीफ ने शिकायत की थी कि जैसे ही अफसर कुछ (आतंकी) गुटों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, मिलिट्री अफसर पीछे से उन्हें छुड़ाने में लग जाते हैं।

- एक सरकारी अफसर ने कहा, "कोई कार्रवाई होती है या नहीं, ये देखने के लिए आपको नवंबर तक इंतजार करना होगा। इससे पहले कई चीजें सेटल हो जाएंगी।"

- हालांकि, आर्मी अफसरों ने कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया है।