तेजाब कांड में शहाबुद्दीन की उम्रकैद की सजा बरकरार


पटना (30 अगस्त): तेजाब कांड में मोहम्मद शहाबुद्दीन को पटना हाई कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। इसी मामले में फिलहाल शहाबुद्दीन दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।

सिवान की विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए शहाबुद्दीन के वकील ने पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 30 जून को सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब जाकर सुनाया गया।

क्या है मामला?
करीब 13 साल पहले सिवान के कारोबारी चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदाबाबू के दो बेटों की हत्या तेजाब से नहलाकर कर दी गई थी। इस मामले में स्पेशल कोर्ट ने शहाबुद्दीन को दोषी ठहराया था। अदालत ने शहाबुद्दीन को धारा 302, 201, 364 और 120B का दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

दरअसल, चंदाबाबू के गौशाला रोड में निमार्णाधीन मकान के विवाद के निपटारे को लेकर 16 अगस्त 2004 को पंचायती के दौरान शरारती तत्वों के आ जाने के कारण मारपीट शुरू हो गई और गृहस्वामी के परिजनों ने आत्मरक्षा में घर में रखे तेजाब का प्रयोग किया था। इस दौरान तेजाब फेंकने से कई लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इस घटना के प्रतिक्रिया स्वरूप उसी दिन व्यवसाई के दो पुत्रों गिरीश (24) और सतीश (18) का अपहरण हो गया और तेजाब से नहलाकर हत्या कर दी गई। इस मामले में अपहृतों की मां कलावती देवी के बयान पर दो नामजदों नागेंद्र तिवारी और मदन शर्मा के साथ चार-पांच अज्ञातों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।