'अंगूठा लगाने पर ही मिलेगी बीडी-सिगरेट'

नई दिल्ली (2 जनवरी): हरियाणा में अब पान-बीड़ी का खोखा पढ़े-लिखे ट्रेंड लोग ही खोल सकेंगे। यह भी हो सकता है कि जल्दी ही गुड़गांव-फरीदाबाद और चंडीगढ़ में बड़े-बड़े होर्डिग्स लगे हों, जन पर लिखा हो 'सिर्फ तीन महीने में सीखें- पान-बीड़ी खोखा कैसे खोलें', 'पान-बीड़ी बिजनैस कोचिंग सेंटर'।

बीड़ी सिगरेट में होता है निकोटिन

यह संभावना है कि  कोई यूनिवर्सिटी पान-बीड़ी वोकेशनल कोर्स ही अपने सिलेबस में ही शामिल कर ले। ये सारी संभावनाएं हरियाणा सरकार के एक संशोधित कानून से पैदा हुई हैं। हरियाणा सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे 'विष अधिनियम 1919' को संशोधित किया है, और निकोटिन को बीसवां जहर घोषित कर दिया है। इसलिए निकोटिन को किसी भी अवस्था में बेचने वाले को लाइसेंस लेना होगा और किसको बेचा गया, कब बेचा गया कितनी मात्रा में बेचा गया। इस सब का हिसाब-किताब रखना होगा।

निकोटिन हरियाणा में बीसवां जहर घोषित

चूंकि बीड़ी-सिगरेट में निकोटिन होता है, इसलिए इस नये कानून के लागू होते ही बीड़ी-सिगरेट बेचने वालों को भी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। जो बिना लाइसेंस बीड़ी-सिगरेट बेचेगा उसे सलाखों के भीतर जाना होगा। इतना ही नहीं बीड़ी-सिगरेट बेचने वाला रिटेलर यानि खोखे वाला हो या होल सेलर उसे एक-एक बीडी़ और एक-एक सिगरेट की बिक्री का हिसाब रखना होगा।

बीड़ी-सिगरेट खरीदने वाले को नाम-पता और उम्र दर्ज करानी होगी

मतलब यह कि बीड़ी-सिगरेट बेचने वाले को अब एकाउंट्स मेनटेन करना होगा। हर दिन खोखा खुलने से पहले बाकी बीडी़-सिगरेट का बैलेंस स्टॉक शो करना होगा। फिर खोखे पर बीड़ी-सिगरेट खरीदने वालों के नाम, घर का पता, उम्र और मोबाइल नम्बर भी दर्ज करना होगा। किसी का उम्र पर शक हुआ तो बीड़ी-सिगरेट बेचने वाले को अधिकार होगा कि वो आधार कार्ड या आयु प्रमाण पत्र दिखाने को कहे। क्यों कि अगर किसी ने शिकायत करदी फंला खोखे से 18 साल से कम उम्र वालों को बीड़ी-सिगरेट बेची जा रही है तो खोखे वाले के खिलाफ केस दर्ज हो जायेगा।

दस्तखत या अंगूठा भी रजिस्टर में लगाना होगा

इतना ही नहीं, बीड़ी-सिगरेट खरीदने वाले के हस्ताक्षर भी लेने होंगे। अगर वो पढ़ा लिखा नहीं है तो बीड़ी-सिगरेट खरीदने वाले को अपना अंगूठा खोखे वाले के रजिस्टर में दर्ज करना होगा।  यह कानून सिर्फ रिटेलर यानि खोखे वालों पर लागू होंगे, बल्कि स्टॉकिस्ट और डीलरों पर भी लागू होंगे।

एकाउंट्स मेनटेन न करने वाले के खिलाफ केस होगा दर्ज

स्टॉकिस्ट और डीलर, अपने रिटेलर्स यानि खोखे वालों की डे बुक से अपने एकाउंट्स मेनटेन करेंगे। वरना उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाही हो सकती है। अब अगर बीड़ी-सिगरेट का खोखा खोलना होगा तो एकाउंट्स मेंनटेन करने की ट्रेनिंग तो लेनी ही पड़ेगी...और कोचिंग, क़ॉलेज तो जाना ही होगा।