''एमपी में द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर बैन की खबर गलत''

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 दिसंबर): पूर्व प्रधानमंत्री पर लिखी संजय बारू की किताब से प्रभावित अनुपम खेर स्टारर फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' पर विवाद बढ़ता जा रहा है। फिल्म 11 जनवरी को रिलीज होने वाली है। इस बीच खबर आ रही है कि कांग्रेस फिल्म को अपने शासित प्रदेशों में बैन करा सकती है। सोशल मीडिया पर भी अफवाह हैं कि कांग्रेस ने इसे मध्य प्रदेश में बैन कर दिया है, जिस बारे में सफाई देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिह सुरजेवाला ने ट्वीट पर बीजेपी पर निशाना साधा है और इसे महज अफवार करार दिया।

सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर को एमपी में बैन की खबर गलत है। मध्य प्रदेश सरकार ने ऐसा कोई भी फैसला नहीं किया है। बीजेपी के इस प्रकार के एजेंडे से हम उनसे सवाल पूछने से रुकने वाले नहीं हैं।

फिल्म को लेकर कांग्रेस और उससे जुड़े संगठन एतराज जता रहे हैं। फिल्म के बारे में जब आज सुबह मनमोहन सिंह से सवाल किया गया तो वो बिना कुछ बोले चले गए। दावा किया जा रहा है कि फिल्म पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के कार्यकाल पर बनी है और संजय बारू चार साल मई 2004 से अगस्त 2008 तक मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार थे।

'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' एक ऐसी फिल्म जिसमें यूपीए सरकार के कार्यकाल को पर्दे पर उतारा गया है। फिल्म में मनमोहन सिंह के 10 साल के बतौर प्रधानमंत्री कार्यकाल को दिखाने का दावा किया गया है। फिल्म को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने आ गई है। अपनी एक्टिंग से अनुपम खेर ने हुबहू मनमोहन सिंह को पर्दे पर ला खड़ा किया। फिल्म में सोनिया गांधी का किरदार जर्मन एक्ट्रेस सुजैन बर्नेट ने निभाया है। वहीं राहुल गांधी की भूमिका में अर्जुन माथुर नजर आ रहे हैं। दोनों कलाकारों में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के किरदार में अपने अभिनय से जान डाल दी।

फिल्म पत्रकार संजय बारू की किताब 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' पर आधारित है तो इस फिल्म से भला संजय बारू कैसे अलग हो सकते हैं। फिल्म में संजय बारू का किरदार अक्षय खन्ना ने निभाया है। फिल्म में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके परिवार पर निशाना भी साधा गया है। फिल्म को लेकर राजनीतिक गहमा गहमी तब और बढ़ गई जब फिल्म का ट्रेलर भारतीय जनता पार्टी  के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया।

इस ट्रेलर को बीजेपी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर न सिर्फ फिल्म का एक तरह से प्रचार किया है, बल्कि बीजेपी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। ट्वीट में कहा गया है कि इस ट्रेलर की कहानी बताती है कि कैसे एक परिवार ने दस सालों तक देश को बंधक बनाकर रखा। क्या डॉ मनमोहन सिंह सिर्फ इसलिए तब तक पीएम की कुर्सी पर बैठे थे, जब तक उनका राजनीतिक उतराधिकारी तैयार न हो जाए? देखें इनसाइडर्स अकाउंट पर आधारित द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का ट्रेलर, जो 11 जनवरी को रिलीज हो रही है।

महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस ने फिल्म के मेकर्स से रिलीज से पहले फिल्म दिखाने की डिमांड की है। साथ ही फिल्म के फंडिग की जांच की मांग की है। इस बवाल से जाहिर है फिल्म में कांग्रेस और गांधी परिवार को लेकर काफी कुछ दिखाया गया है। फिल्म लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आ रही है, इसलिए पारा भी चढ़ गया है। यूपीए शासनकाल पर बनी ये फिल्म महज अपने एक ट्रेलर के बाद ही से ही देश की सियासत में चर्चां का हिस्सा बन गई है। जरा सोचिए फिल्म रिलीज होने पर देश की राजनीति में फिल्म कितना बवाल मचा सकती है।