दो एसी चलाते हैं तो 10,000 रुपये सालाना बढ़ सकता है बिजली बिल

नई दिल्ली(25 अगस्त): अपने घर में दो एसी और कई गैजट चलाने वालों का बिजली बिल सालाना 10,000 रुपये तक बढ़ सकता है। यह पिछले साल के मुकाबले 12 फीसदी ज्यादा होगा, जो मौजूदा महंगाई दर का डबल है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए इन्वाइरनमेंट नॉर्म के आने से यह बढ़ोतरी हो सकती है।

- एक ऊर्जा विश्लेषक ने बताया, 'जिन घरों में 2 एसी रोजाना 9 घंटे चलते हों, वहां महीने में औसतन 800 यूनिट बिजली की खपत होती है। इस वर्ग के उपभोक्ता 8 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल का भुगतान करते हैं और उनका मासिक बिजली बिल औसतन 6,500 रुपये होता है।'

- पावर कंपनी के एक एग्जिक्यूटिव ने बताया, 'इस साल जनवरी से पावर प्रॉडक्शन और ट्रांसमिशन चार्ज 70 पैसे प्रति यूनिट बढ़ गया है। अगर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के लिए पावर इनपुट कॉस्ट में 70 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है, तो इस वर्ग के उपभोक्ताओं को 7,300 रुपये महीना बिजली बिल देना होगा। यह बढ़ोतरी पावर और ट्रांसमिशन कॉस्ट और अन्य चार्जेज में बढ़ोतरी का नतीजा होगी।'

- पावर कंजंप्शन का बिल स्लैब के आधार पर आता है। बिजली की खपत जितनी ज्यादा होगी, हर यूनिट के लिए रेट उतने ही ज्यादा होंगे। बिजली की खपत जैसे ही 200 यूनिट को पार करती है, ज्यादातर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियां ज्यादा चार्ज वसूलने लगती हैं और यह बिजली खपत का रेट हर अतिरिक्त 100 यूनिट पर बढ़ता जाता है। इसके अतिरिक्त सरकारी ड्यूटी और सरचार्ज इस बिल में जोड़े जाते हैं, जो पावर और ट्रांसमिशन कॉस्ट का कुछ प्रतिशत होते हैं।

- इस साल के शुरू से तीन वजहों से बिजली उत्पादन की लागत में बढ़ोतरी हुई है। इनमें क्लीन एनर्जी सेस डबल किया जाना, कोल इंडिया द्वारा कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी किया जाना और रेलवे फ्रेट में बढ़ोतरी शामिल हैं। इसके अलावा, ट्रांसमिशन चार्ज में भी बढ़ोतरी हुई है।

- पावर कंपनियों के शुरुआती आकलन के मुताबिक, क्लीन एनर्जी सेस और कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी से बिजली उत्पादन की लागत 32 पैसे प्रति यूनिट बढ़ी है। रेलवे फ्रेट में बढ़ोतरी इसकी कॉस्ट 9 पैसे प्रति यूनिट बढ़ेगी। इसके अलावा दिसंबर से अब तक ट्रांसमिशन चार्ज में 31 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है और ट्रांसमिशन नुकसान के कारण अतिरिक्त 5 पैसे प्रति यूनिट का खर्च बढ़ा है। साथ ही, सरकारी ड्यूटी और सरचार्जेज का भी मामला है। कुलमिलाकर 70 पैसे प्रति यूनिट का मामला बनता है।