भारत के लिए इसलिए अहम है अबू धाबी के प्रिंस से दोस्ती...

नई दिल्ली (2 अक्टूबर): गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत ने बतौर चीफ गेस्ट अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को आमंत्रित किया है। पाकिस्तान को घेरने के साथ-साथ भारत की प्रिंस से दोस्ती कई मुद्दों पर अहम मानी जा रही है।

इसी साल फरवरी में अबूधाबी के क्राउन प्रिंस ने भातर का दौरा किया था। इस मौके पर दोनों देशों के मध्य कई करार भी हुए। हालांकि उनकी यात्रा से पहले अगस्त, 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई की यात्रा की थी। इस दौरान दोनों देश संबंध को एक व्यापक सामरिक साझेदारी के रूप में स्तरोन्नत करने के लिए सहमत हुए थे।

- ऐतिहासिक रूप से भारत और यूएई के बीच संबंध मधुर एवं मैत्रीपूर्ण हैं जो परस्पर लाभप्रद वाणिज्यिक आदान-प्रदान एवं व्यापक जन दर जनसंपर्क पर आधारित है। - दोनों देशों के मध्य संतुलित द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य वर्ष 2014-15 में 59 बिलियन अमेरिकी डॉलर था जिसकी वजह से यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बन गया है। - यूएई भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्त्वपूर्ण रूप से योगदान करता है तथा वर्ष 2014-15 में भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाला छठवां सबसे बड़ा देश है।

इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के मध्य निम्नलिखित 9 करारों पर हस्ताक्षर किए... 1. साइबर स्पेस और साइबर अपराध से लड़ने पर करार। 2. भारत में अवसंरचना निवेश में यूएई के संस्थागत निवेशकों की भागीदारी को सुगम बनाने के लिए एक रूपरेखा बनाने पर करार। 3. नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग पर सामान्य रूप रेखा पर करार। 4. शांतिपूर्ण प्रयोजनों के लिए बाहरी अंतरिक्ष के अन्वेषण एवं प्रयोग में सहयोग पर इसरो और यूएई अंतरिक्ष एजेंसी के बीच करार। 5. भारतीय बीमा विनियामक प्राधिकरण (IRDA) और यूएई बीमा प्राधिकरण के बीच द्विपक्षीय सहयोग के लिए करार। 6. भारत और यूएई के बीच कार्यपालक सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम (EPCC)। 7. कौशल विकास तथा अर्हताओं की मान्यता के लिए सहयोग पर भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) और संयुक्त अरब अमीरात सरकार के राष्ट्रीय अर्हता प्राधिकरण (NQA) के बीच मंशा पत्र। 8. दुबई आर्थिक परिषद (DEC) और भारतीय निर्यात-आयात बैंक के बीच करार। 9. भारतीय रिजर्व बैंक तथा सेंट्रल बैंक ऑफ संयुक्त अरब अमीरात के बीच भारतीय रुपये (INR)/ यूएई दीरहाम (AED) द्विपक्षीय करेंसी स्वैप की व्यवस्था पर करार।