अबॉर्शन केसः रेप विक्टिम को राहत, SC ने डॉक्टरों से रिपोर्ट मांगी

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली (22 जुलाई): गर्भपात कानून के प्रावधानों को चुनौती देने वाली एक कथित बलात्कार पीड़िता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के केईएम हॉस्पीटल को मेडिकल बोर्ड गठित कर 24 हफ्ते की गर्भवती पीड़िता की जांच करने और गर्भपात पर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है। सोमवार को मेडिकल बोर्ड की  रिपोर्ट आने के बाद सुप्रीम कोर्ट अबॉर्शन की इजाजत देने या या न देने पर फैसला करेगा। 

इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र एवं महाराष्ट्र सरकार से 24 घंटे के भीतर प्रतिक्रिया मांगी है। याचिका में कानून के उन प्रावधानों को चुनौती दी गई है जो गर्भधारण के 20 सप्ताह बाद गर्भपात कराने पर रोक लगाते हैं, भले ही मां और उसके भ्रूण को जीवन का खतरा ही क्यों न हो।