संघ के कार्यक्रम में प्रणब के जाने पर बोले सिंघवी, सुनने से पहले किसी बारे में कोई धारणा नहीं बनानी चाहिए

नई दिल्ली ( 30 मई ): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ( आरएसएस) के नागपुर में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पर राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर है। एक ओर जहां कांग्रेस के कई नेता पूर्व राष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर हैरान हैं, तो वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'महज निमंत्रण स्वीकार कर लिए जाने से किसी के बारे में राय बना लेनी सही बात नहीं है।अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'महज निमंत्रण स्वीकार कर लिए जाने से किसी के बारे में राय बना लेनी सही बात नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी को सुनने से पहले उसके बारे में कोई धारणा नहीं बनानी चाहिए। मैं खुद भी पांचजन्य और ऑर्गनाइजर के लिए लिख चुका हूं जिसे पार्टी ने स्वीकारा। यह बात भी सही है कि हर पार्टी में लोगों पर निशाना साधने वाले कुछ लोग होते हैं।'गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने 7 जून को नागपुर में होने वाले एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को न्योता दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। संघ के कार्यक्रम के लिए मुखर्जी को बुलावा भेजे जाने के बाद से इस पर सियासत भी शुरू हो गई।दरअसल प्रणव मुखर्जी को संघ का न्योता सियासी पंडितों के लिए इस लिहाज से हैरान करने वाला है कि अपने 5 दशक से ज्यादा लंबे सियासी करियर में मुखर्जी ने हमेशा संघ की मुखालफत की है। रोचक बात यह है कि प्रणव मुखर्जी ही वह शख्स हैं, जिन्होंने ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के प्लेनरी सेशंस के उन सभी प्रस्तावों को तैयार किया है जिनमें संघ को आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने और सांप्रदायिकता के लिए दोषी ठहराया गया है।