"फिल्म फ्लॉप हो जाए तो लोग फोन उठाना बंद कर देते हैं"

 

नई दिल्ली (28 जुलाई) :  "अगर आपकी फिल्म फ्लॉप हो जाती है तो लोग आपके फोन उठाना बंद कर देते हैं। आप चाहे किसी की भी संतान क्यों ना हो, इससे फर्क नहीं पड़ता।"  ये कहना है अभिषेक बच्चन का।  

साल 2000 में 'रिफ्यूजी' फिल्म से करियर की शुरुआत करने वाले अभिषेक पिछले 16 साल में कई उतार-चढ़ाव देख चुके हैं। जहां 'गुरु', 'धूम', 'बंटी और बबली', 'दोस्ताना' और 'बोल बच्चन' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय की सराहना की गई, वहीं कई फिल्मों के लिए उन्हें आलोचनाओं का शिकार भी होना पड़ा।

अभिषेक ने बताया, "मैं फिल्म उद्योग में 16 साल पूरे कर चुका हूं और इस बीच उतार-चढ़ाव दोनों देखे हैं। मैंने काफी कुछ सीखा है और अब भी सीखना चाहता हूं। यह एक शानदार यात्रा रही है और मुझे खुशी और गर्व है कि मैं इस उद्योग का हिस्सा हूं। मुझे लगता है कि असफलता का दौर जरूरी था। यह आपको काफी कुछ सिखाता है। मुझे लगता है कि असफलता के बिना कोई सफलता नहीं मिलती। यह आपको जमीन से जोड़े रखती है और चीजों की प्रशंसा करना सिखाती है।"

अभिषेक ने कहा कि यह सच है कि फिल्म का फ्लॉप होना दुनिया का सबसे बुरा अहसास है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी जिंदगी में अच्छा हो, तो आपको पहले अपने लिए सोचना होगा कि आपके लिए अच्छी चीजें हो सकती हैं।

सोशल मीडिया में कई बार उनकी फिल्मों के चुनाव का उपहास उड़ाया जाता रहा है। अभिषेक ने कहा कि वह इससे ज्यादा प्रभावित नहीं होते। उन्होंने कहा कि अगर आप सोशल प्लेटफॉर्म पर हैं, तो आप इस पर सभी के लिए मौजूद होते हैं। यह सब हंसी-मजाक में और मजे के लिए किया जाता है। हालांकि उन्होंने कहा कि जिस क्षण भी उन्हें लगता है कि सोशल मीडिया पर पैर खिंचाई सीमा पार कर रहा है, तब वह प्रतिक्रिया करना बंद कर देते हैं।