नीतीश के मंत्री ने कहा- तेजप्रताप से उम्मीद नहीं लेकिन तेजस्वी हैं CM और PM मेटेरियल

नई दिल्ली (6 सितंबर): बिहार में महागठबंधन की सरकार और उनके नेता दावे सब ठीक होने की करें, मगर दल के अंदर नेताओं की महत्वकांक्षाएं बहुत कुछ जाहिर कर देती हैं। फिलहाल आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता और केबिनेट मंत्री के बयान ने बवाल मचा दिया है। इन्होंने सीएम नीतीश कुमार और पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दोनों के कुर्सी को तेजस्वी यादव से चुनौती दिलाई है।

राष्ट्रिय जनता दल में बड़ा ओहदा रखने वाले बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अब्दुल गफूर को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का भी करीबी माना जाता है। बिहार में नीतीश कुमार, लालू प्रसाद और कांग्रेस के महागठबंधन की सरकार को नौ महीने गुजरे हैं और इन मंत्री जी को इस दौरान जो अनुभव और ज्ञान मिला वो चौकाने वाला है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद के छोटे बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री की काबलियत मुख्यमंत्री और प्रधानमन्त्री की लगती है।

1990 से 2005 तक जो तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद और माँ राबड़ी देवी का जो कार्यकाल बतौर मुख्यमंत्री रहा। अगर उस वोट बैंक में बढ़ोतरी हो जाए तो फिर मुख्यमंत्री में कौन दिक्कत। साथ ही मंत्री जी अति उत्साह में लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के बारे में यहां तक कह डाला की तेजप्रताप से बहुत ज्यादा उम्मीद नही है। जो बात तेजस्वी में है वो बड़े बेटे में नही।

अब अब्दुल गफूर मंत्री भले ही नीतीश कुमार के नेतृत्व में हों, मगर इन्हें कप्तानी तेजस्वी यादव की जंचती है। ये बात मगर इनके गठबन्धन के साथी जदयू को रास नहीं आ रहा। वो कह रहे की नीतीश कुमार की स्वीकारता तो जग जाहिर है। अब तो उनकी राष्ट्रिय स्वीकारता है, ऐसे में जिसे जहां संभावना तलाशना हो तलाशे। बिहार में राजनितिक तपिश हमेशा ही बढ़ी रहती है और उसमे अब्दुल गफूर सरीखे मंत्री के ब्यान इसे और गर्म करने को काफी हैं।