जब गांधीजी की हत्या के बाद जिन्ना ने दिया था ये विवादित बयान


नई दिल्ली (10 अगस्त):
देश 15 अगस्त को आजादी के 70 साल पूरे करने जा रहा है। हालां‍कि अभी भी आजादी से जुड़ी कुछ ऐसी बातें हैं तो देशवासियों को जानना बहुत ही जरूरी है। लोग यह तो जानते हैं कि नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की, लेकिन बहुत ही कम लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि इससे पहले भी उनपर हमला किया गया।

आजादी के साथ ही देश को भारत और पाकिस्तान में बांट दिया गया, जो गांधी जी को पसंद नहीं आया। कहा गया कि पाकिस्तान में मुसलमान रहेंगे और भारत में हिंदु, लेकिन गांधी जी का कहना था कि हिंदुस्तान में जो भी चाहे वह रह सकता है, इसी बात को लेकर धीरे-धीरे गांधी कट्टरपंथियों की आंखों में खटकने लगे। 20 जनवरी 1948 को मदनलाल नाम के एक शख्स ने गांधी जी पर बम फेंका, जिसमें वह बच गए। खुशकिस्मती से उस हादसे में किसी की जान नहीं गई। गृह मंत्री सरदार बल्लब भाई पटेल ने गांधीजी को सुरक्षाकर्मी देने की बात कही, जिसको उन्होंने ठुकरा दिया। हालांकि 30 जनवरी को नाथूराम गोडसे ने उनकी हत्या कर दी।

गांधी जी की हत्या को लेकर दुनियाभर ने शौक व्यक्त किया। दुनियाभर के अखबारों में इसकी आलोचना की गई और भारत के अखबारों के संपादकीय काले रंग के छापे गए। एक तरफ जहां गांधी जी की हत्या पर दुनियाभर के लोग शौक व्यक्त कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ आजादी के समय मुसलमानों के लिए अलग देश की मांग करने वाले जिन्ना ने इस मौके पर भी विवादित बयान दिया। जिन्ना ने गांधी जी की हत्या के बाद कहा कि इससे हिंदुओं को ही नुकसान होगा।