'राजेश खन्ना के लिए आशीर्वाद सब कुछ था लेकिन परिवार के लिए सिर्फ़ ज़मीन का टुकड़ा'

मुंबई (1 मार्च) : दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना के प्रिय बंगले 'आशीर्वाद' को तोड़े जाने की ख़बर ने उनके कई प्रशंसकों की आंखों में आंसू ला दिए।

'काका' के नाम से मशहूर रहे राजेश खन्ना का इस बंगले के लिए लगाव किसी से छुपा नहीं था। कार्टर रोड पर स्थित ये बंगला राजेश खन्ना ने अभिनेता राजेंद्र कुमार से सत्तर के दशक के आख़िर में साढ़े तीन लाख रुपए में खरीदा था। इस बंगले में आने के बाद राजेश खन्ना ने एक के बाद एक 15 सिल्वर जुबली हिट फिल्में दी थीं।

बताया जाता है कि राजेश खन्ना ने एक बार इच्छा जाहिर की थी कि उनकी मृत्यु के बाद इस बंगले को म्युजियम में बदल दिया जाए। लेकिन अब सच्चाई ये है कि बंगले के नए खरीददार शशि किरन शेट्टी इसे पूरी तरह तुड़वाने के बाद यहां नई बिल्डिंग बनवाना चाहते हैं।

राजेश खन्ना के साथ लिव-इन पार्टनर के तौर पर कई साल बिताने का दावा करने वाली अनिता आडवाणी ने भी बंगले को तोड़े जाने पर दुख जताया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अनिता ने बातचीत में कहा कि 'आशीर्वाद को इस हाल में देखकर मैंने बहुत बुरा महसूस किया। मैं बंगले के अंदर गई और इसके एक एक कोने को देखा। मैं उम्मीद नहीं कर रही थी कि इसके नए मालिक इसे पूरी तरह ज़मींदोज़ कर देंगे। आशीर्वाद दोबारा कभी नहीं बन सकता।'  

(अनीता आडवाणी के साथ राजेश खन्ना)

'आशीर्वाद' से राजेश खन्ना के भावनात्मक जुड़ाव के बारे में अनिता ने कहा, 'राजेश खन्ना को इस बंगले को बेचने के लिए बहुत सारे ऑफर मिले थे लेकिन उन्होंने इसे कभी बेचने के बारे में नहीं सोचा था। वो कहते थे कि अगर उन्हें कोई 1000 करोड़ भी दे तो भी वे इसे नहीं बेंचेंगे। वो यहां रहे, यही सुपरस्टार बने, इसलिए वो कहते थे कि ये बंगला बिकाऊ नहीं है। वो इस बंगले से आत्मीय ढंग से जुड़े थे। वो इसे म्युज़ियम में बदलना चाहते थे।'  

अनीता ने कहा, 'पहले उनके परिवार ने कहा था कि वो इसे फैमिली हाउस के तौर पर अपने साथ रखेंगे। राजेश खन्ना के परिवार को उनकी इस बंगले को म्युजियम बनाने की इच्छा के बारे में अच्छी तरह पता था। जो हुआ वो सबसे खराब स्थिति है जिसे राजेश खन्ना कभी नहीं चाहते थे कि ऐसा हो। मुझे नहीं लगता कि उनके परिवार में किसी तरह की कोई संवेदना है। उनके लिए आशीर्वाद सिर्फ ज़मीन का टुकड़ा था जिससे कि वो पीछा छुड़ाना चाहते थे।