आम आदमी पार्टी के इन 21 विधायकों का क्या होगा ?

नई दिल्ली (13 अप्रैल): दिल्ली सरकार के 21 संसदीय सचिवों ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में जवाब दाखिल करने के लिये उन्हें  6 हफ्ते का समय और दिया जाए। संसदीय सचिवों के मुताबिक उन्होंने दिल्ली सरकार और दिल्ली विधानसभाध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर उन सभी सुविधाओं या भत्तों की लिस्ट मांगी है, जो उनको मिल रहे हैं । जैसे ही  सरकार और विधानसभा अध्यक्ष उन्हें जानकारी दे देंगे वो  सारी जानकारी चुनाव आयोग भेज देंगे। बीते साल मार्च में दिल्ली सरकार ने 21 विधायकों को अलग-अलग मंत्रालयों में संसदीय सचिव नियुक्त किया था, जिस पर इस साल मार्च में चुनाव आयोग ने 21 संसदीय सचिवों को नोटिस जारी करके पूछा था कि उनकी सदस्यता क्यों न रद्द की जाये।

इस नोटिस का जवाब 11 अप्रैल तक देना था। दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सरकार इस मामले में कानूनी सलाह ले रही है। इसके विपरीत एक निजी टीवी चैनल से दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने कहा है कि दिल्ली के 21 विधायकों पर सदस्यता रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि संसदीय सचिव का पद ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के दायरे में आता है और कानून के हिसाब से दिल्ली में केवल एक संसदीय सचिव हो सकता है और वह भी सीएम दफ्तर से जुड़ा होना चाहिए।