'आप' ने नहीं दिया चंदे का ब्यौरा, IT ने दिया नोटिस

नई दिल्ली (27 दिसंबर): दूसरी पार्टियों पर भ्रष्‍ट लोगों से चंदा लेने का आरोप लगाने वाली आम आदमी पार्टी अब खुद ही घिरती दिखाई पड़ रही है। आयकर विभाग ने आप को चंदा देने वालों की सूची में विसंगतियों का हवाला देकर पार्टी को नोटिस जारी किया है।

नोटिस को दुर्भावनापूर्ण करार देते हुए आप ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत राजग सरकार पार्टी को परेशान कर रही है और चंदा देने वालों को निशाना बना रही है। आप के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राघव चडढा ने कहा, शुरुआत में आयकर विभाग को सौंपी गई सूची में मामूली त्रुटि थी, जिसे नोटिस मिलने के बाद संशोधित आईटीआर में दुरूस्त कर लिया गया। आईटी रिटर्न को संशोधित करना पार्टी का वैधानिक अधिकार है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और पूछा है कि क्यों न आयकर अधिनियम के तहत आप को आय कर से मिलने वाली छूट कैंसिल कर दी जाय। आप ने आय कर विभाग द्वारा कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी जब जवाब नहीं सौंपा तब आय कर विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी पर चंदे का विवरण नहीं देने का आरोप है।

नियमों के मुताबिक किसी भी राजनीतिक दल को 20 हजार रुपये से ज्यादा का चंदा देनेवालों का विवरण चुनाव आयोग को सौंपना होता है। लेकिन आम आदमी पार्टी ने ऐसा नहीं किया है। इसके साथ ही पार्टी ने अपनी वेबसाइट पर से सभी दानदाताओं का नाम हटा लिया है।