पाक क्रिकेट पर फिक्सिंग का साया, पहले भी लग चुके हैं दाग


नई दिल्ली(16 जून): एक ओर जहां सारे फैंस रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के पूर्व सलामी बल्लेबाज आमिर सोहेल अपनी ही टीम यानी पाकिस्तानी पर ‘मैच फिक्सिंग’ के आरोप लगाए हैं।


सोहेल बतौर विशेषज्ञ पाकिस्तान के टेलीविजन चैनल पर बात कर रहे थे। चैंपियंस ट्रॉफी पर हो रही चर्चा के दौरान ही उन्होंने ऐसी बात कह दी जिससे उन्ही की टीम के ऊपर सवालिया निशान लग गया।


आमिर ने कहा, ‘पाकिस्तान की टीम और उसके कप्तान सरफराज अहमद को इस तरह खुशी नहीं मनानी चाहिए, यह टीम बाहरी कारणों से मैच जीतकर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है, अपने खेल से नही।'


चैंपियंस ट्रॉफी में अपना सफर भारत के खिलाफ हार से शुरु करने वाली पाकिस्तान टीम के फाइनल में पहुंचने से कई लोग हैरान हैं। भारत के खिलाफ मिली शर्मनाक हार और उसके बाद की दमदार वापसी कहीं ना कहीं पाकिस्तान टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे हैं।


मैच फिक्सिंग का अपराध क्रिकेट जगत में सबसे बड़ा अपराध माना जाता है। लेकिन पाकिस्तानी खिलाडियों को मैच फिक्सिंग की गतिविधियों के आरोप में सबसे ज़्यादा दोषी पाया जाता रहा है।


पाकिस्तान के तीन खिलाड़ी मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ और सलमान बट्ट स्पॉट फिक्सिंग की सजा काट चुके हैं। आमिर 5 साल की सजा काटने के बाद टीम का अहम हिस्सा हैं। तो वहीं आसिफ और पूर्व कप्तान सलमान बट्ट आज भी टीम से बाहर हैं।


पाकिस्तान क्रिकेट लीग के संस्करण 2 में भी फिक्सिंग के मामले सामने आए। शरजील खान, खालिद लतीफ़, नासिर जमशेद और शाहज़ेब हसन को मैच फिक्सिंग के दौरान दोषी पाया गया था।ये सभी खिलाड़ी पाकिस्तान की ओर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं।


मार्च में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफ़ान को भी पीसीबी ने मैच फिक्सिंग के आरोप में दोषी मानते हुए उन पर 2 साल का प्रतिबन्ध लगाया।