आप के गिनाईं पंजाब-गुजरात के संसदीय सचिव की सहूलियतें

नई दिल्ली (14 जून): दिल्ली के 21 विधायकों की सदस्यता के मुद्दे पर केंद्र और दिल्ली सरकार एक बार फिर आमने-सामने हैं। आप नेता संजय सिंह और आशुतोष ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर पंजाब और गुजरात के संसदीय सचिव को मिलने वाली सुविधाओं गिनाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

आशुतोष ने बीजेपी पर निशाना साधाते हुए कहा कि पंजाब में संसदीय सचिव को 20 हजार रुपए प्रति माह सैलरी मिलती है, 5 हजार रुपए मुआवजा भत्ता मिलता है, 5 हजार रुपए ऑफिस अलाउंस मिलता है, 50 हजार रुपए हाउस रेन्ट मिलता है, 10 हजार रुपए टेलिफोन का अलाउंस मिलता है, 2 लाख रुपए हर साल ट्रेवल अलाउंस मिलता है, 12 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से माइलेज अलाउंस मिलता है।

वहीं गुजरात के संसदीय सचिव को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में आशुतोष ने कहा कि संसदीय सचिव को 50 हजार तन्ख्वाह, ऑफीशियल कार, जिप्सी, रहने के लिए घर, कुक, ऑफिस, प्राइवेट सेक्रेट्री आदि कई चीजें मिलती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के बिल में लिखा है कि संसदीय सचिव को कोई भी रिम्यूनिरेशन नहीं मिलता है और ना ही कोई सुविधा दी जाएगी। ये एक षड्यंत्र के तहत आप को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, झूठ फैलाया जा रहा है।

आशुतोष ने कहा कि 1 सितंबर 2006 में भी कई सांसदों की सदस्यता खत्म होने वाली थी, संसद में भी रिट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट से कई पदों को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के दायरे से बाहर कर दिया। हमारे 19 बिल एक-डेढ़ साल से अटके हुए हैं। बीजेपी कहती है कि 4 लाख सैलरी लेते हैं आप के विधायक, जब बिल ही पास नहीं हुआ तो कहां से सैलरी ले रहे हैं।

अशुतोष ने कहा कि हाथ जोड़कर निवेदन है मोदी जी आप सरकार दिल्ली के लिए काम करना चाहती है, उसे काम करने दीजिए, कोई डरने की जरूरत नहीं है। आप अपना काम कीजिये, हमें अपना काम करने दीजिये।