आधार के 'प्राइवेसी' सुप्रीमकोर्ट कल सुनाएगा फैसला

नई दिल्ली ( 23 अगस्त ): सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को निजता के अधिकार(राइट टु प्राइवेसी ) के मामले में अपना फैसला सुनाएगा। राइट टु प्राइवेसी को संविधान के तहत मूल अधिकार मानना चाहिए या नहीं, इस पर शीर्ष अदालत ने सुनवाई के बाद 2 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अगुवाई वाली 9 सदस्यीय संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। खेहर के अलावा इस बेंच में जस्टिस जे. चेलामेश्वर, जस्टिस एस.ए. बोडबे, जस्टिस आर.के. अग्रवाल, जस्टिस आर.एफ. नरीमन, जस्टिस अभय मनोहर सप्रे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एस. अब्दुल नजीर शामिल हैं।

नौ सदस्यीय बेंच ने सुनवाई के दौरान इस पर विचार किया कि आखिर राइट टु प्राइवेसी के अधिकार की प्रकृति क्या है। इसके अलावा 1954 और 1962 में राइट टु प्राइवेसी को मूल अधिकार न मानने वाले दो फैसलों का भी अध्ययन किया गया। आधार कार्ड स्कीम में नागरिकों की निजता के हनन को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राइट टू प्राइवेसी के निर्धारण के लिए संवैधानिक पीठ के गठन का फैसला लिया था।