अब अंगुलियों के निशान से नहीं बल्कि चेहरे को स्कैन कर बनेगा आधार कॉर्ड


नई दिल्ली (26 मार्च): भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कॉर्ड बनाने की प्रकिया में एक बड़ा बदलाव करते हुए इस साल 1 जुलाई से अंगुलियों के निशान तथा आंखों की पुतलियों के अलावा चेहरे के जरिए भी आधार कार्ड धारकों के सत्यापन की शुरुआत करने का निर्णय किया है।

प्राधिकरण ने जनवरी में कहा था कि वह जैविक सत्यापन में अधिक उम्र या मेहनत वाले कार्यों की वजह से ऊंगलियों के निशान मिटने से होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए चेहरे से सत्यापन की शुरुआत करेगा। उसने कहा कि चेहरे के जरिए सत्यापन के लिए इसके साथ अंगुलियों के निशान, पुतलियों या वन टाइम पासवर्ड के जरिए भी सत्यापन की आवश्यकता होगी।

प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय भूषण पांडेय ने पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुति के दौरान आधारकूट प्रणाली की उत्कृष्टता पर जोर देकर कहा था कि विश्व में मौजूद सबसे तेज कंप्यूटर द्वारा ब्रह्मांड की जो उम्र बताई गई है, इसे भेद पाने में उससे भी अधिक समय लगेगा। उन्होंने न्यायालय को इस दौरान बताया था कि चेहरे से सत्यापन की शुरुआत 1 जुलाई से की जाएगी।