कौन है दिल्ली का 'फाइव स्टार गुंडा', यहां जानिए सब कुछ

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 16 अक्टूबर ): राजधानी दिल्ली के पांच सितारा होटल में हुए पिस्टल कांड पर हंगामा लगातार बढ़ता जा रहा है। आरोपी आशीष पांडे की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की एक टीम लखनऊ पहुंच चुकी है। वहीं आरोपी आशीष पांडे के विदेश भाग जाने की भी आशंका जताई जा रही है। दिल्ली पुलिस को आशंका है कि आशीष पांडे देश छोड़कर भाग सकता है। लिहाजा दिल्ली पुलिस ने देश के सभी एयरपोर्ट को अलर्ट कर दिया है। साथ ही पुलिस का कहना है कि इस सिलसिले में उनके पास न तो पीड़ित पक्ष का और न ही होटल प्रशासन की ओर से कोई सूचना दी गई है। 

दिल्ली पुलिस ने ज्वाइंट सीपी के पद पर तैनात अजय चौधरी का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद हमारे संज्ञान में ये मामला आया और उस पर कार्रवाई करते हुए हमने उस शख्स की पहचान कर ली है। आरोपी लखनऊ का रहने वाला है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में दिल्ली पुलिस यूपी पुलिस के संपर्क में है। वहीं होटल हयात ने भी इस मामले में अपना बयान जारी किया है। हयात होटल ने कहा है कि 'हमारे मेहमानों की सुरक्षा हमारी प्राथमिक चिंता है। हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ इस पर काम भी कर रहे हैं।' 

विदेश में पढ़ई, रियल स्टेट का कारोबार आशीष पांडेय लखनऊ में रहकर रियल स्टेट और शराब का व्यवसाय करते हैं। इसके अलावा वह कई जिलों में खनन का भी काम करते हैं। आशीष पांडेय की पढ़ाई देहरादून से शुरू हुई और विदेश तक चली। आशीष पांडेय लक्जरी कारों और असलहों के शौकीन भी हैं।  

रसूखदार राजनीतिक परिवार

आशीष उर्फ सुड्ड के पिता राकेश पांडेय बीएसपी से पूर्व सांसद रह चुके हैं, जबकि भाई रीतेश पांडेय जलालपुर से बीएसपी से विधायक हैं। आशीष पूर्व बाहुबली विधायक पवन पांडेय के भतीजे हैं, जबकि इनके दूसरे चाचा कृष्ण कुमार पांडेय सुलतानपुर के इसौली से बीएसपी से चुनाव लड़ चुके हैं।

चाचाओं का आपराधिक इतिहास आशीष पांडेय के दोनों चाचा कृष्ण कुमार उर्फ कक्कू पांडेय और पवन पांडेय का जिले में काफी लंबा आपराधिक इतिहास है। कक्कू पांडेय को बहुचर्चित केरे सिंह हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा मिली थी, लेकिन बाद में वह हाई कोर्ट से बरी हो गए और मौजूदा समय मे कांग्रेस पार्टी में हैं। कोई क्रिमिनल केस नहीं, कम ही होता है घर जाना आशीष के खिलाफ उसके गृह जिले अंबेडकरनगर में कोई भी आपराधिक केस नहीं दर्ज है। आशीष अंबेडकरनगर से कम ही सरोकार रखते हैं। आशीष अपने पिता और भाई के चुनाव या फिर किसी पारिवारिक कार्यक्रम में ही अंबेडकरनगर आते हैं।