जिन हाथों में कभी बॉक्सिंग ग्लब्स हुआ करते थे वो आज चाय बना रहे हैं !

नई दिल्ली (9 अगस्त): नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मैडल जीतने वाला लखनऊ का आयुष आज सदर पुलिस चौकी के सामने चाय का ठेला लगाकर घर का खर्च चला रहा है। जिन हाथों में कभी बॉक्सिंग ग्लब्स हुआ करते थे उनमें आज चाय के ग्लास हैं। आयुष के पिता भी चाय की दुकान चलाते थे। इसी दुकान से कमाई करके उन्होंने आयुष को बॉक्सर बनाया था।

पिता का स्वास्थ्य खराब हुआ। वो उठने-बैठने से मजबूर हो गये। उसकी चाय की दुकान भी गिरा दी गयी। मजबूरी में आयुष को घर लौटना पड़ा। वेवश माता-पिता और घर का खर्च चलाने के लिए उसने फिर से चाय के खौमचे का सामान इकट्ठा किया और चाय बनानी पिलानी शुरु कर दी। आयुष के अरमान अभी जिंदा हैं। कहता है कि सब कुछ ठीक करने के बाद रिंग में फिर उतरूंगा...काश आयुष को भी कोई सहारा देने वाला मिला होता !