महिला ने 60 साल की उम्र में दिया बच्ची को जन्म

नई दिल्ली ( 17 फरवरी ): गुजरात में एक महिल ने 60 साल की उम्र में एक बच्ची को जन्म दिया है। यहां सिटी हॉस्पिटल में एक 60 साल की महिला ने दूसरे IVF अटेंप्ट में मेनोपॉज के 15 साल बाद एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। सुशीला पांड्या और उनके पति प्रवीण कच्छ जिले के भचाऊ के वोंड गांव में रहते हैं। डॉक्टर ने सुशीला को एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन की हाई डोज पर रखा और इस तरह वे उनकी मेनोपोज को रोककर मंथली पीरियड साइकल को रिवर्स करने में कामयाब रहे। इस तरह वह गर्भधारण कर पाईं और इससे ज्यादा आश्चर्य की क्या बात हो सकती है कि वह बच्ची की ब्रेस्टफीडिंग करा पा रही हैं।

सुशीला की 8 महीने की प्रेग्नेंसी चुनौतियों से भरी हुई थी, क्योंकि वह डायबीटीज और हाइपरटेंशन की मरीज हैं। जब वह अपनी प्रेग्नेंसी के आठवें महीने में थीं तो उनका ब्लड प्रेशर हाई हो गया था।

सुशीला ने कहा, 'हम हमेशा से एक बच्चा चाहते थे और हम इसके लिए कई डॉक्टरों से मिले। मैंने कई व्रत रखे और सभी तरह के पूजा-अनुष्ठान किए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद मैं अपने गांव की ही एक महिला पुंजीबेन से मिली जिन्होंने इसी अस्पताल में 60 साल की उम्र में एक बच्चे को जन्म दिया। उन्होंने ही मुझे IVF के बारे में बताया।'

अपनी पहली IVF साइकल के बाद वह प्रेग्नेंट हुईं। उन्होंने ट्विन्स कंसीव किए लेकिन फिर तीन महीने के बाद गर्भपात हो गया। जुलाई 2015 में उन्होंने फिर से कंसीव किया। प्रेग्नेंसी के दौरान वह डायबीटीज और हाइपरटेंशन की दवाइयां ले रही थीं और आठवें महीने में उनका बीपी बहुत बढ़ गया।

डॉक्टर दामिनी ने बताया, 'मैं उनके लिए बहुत डर गई थी। उनकी तबीयत 8वें महीने में खराब हो गई थी और बच्ची का जन्म 36 हफ्तों की जगह 34 हफ्तों में ही हो गया।'

डॉक्टर दामिनी ने कहा, 'ऑपरेशन 3 घंटों तक चला। बहुत ज्यादा कॉम्प्लिकेशन्स थे। मां और बच्ची, दोनों ही अब स्वस्थ हैं। यहां तक कि वह बच्ची को ब्रेस्टफीड भी करा पा रही हैं जो कि इस उम्र में करना बहुत मुश्किल होता है।'

सुशीला ने कहा कि यह चमत्कार उनके पति और परिवार के प्यार और सहयोग के बिना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि मेरे ससुराल वालों ने मेरा बहुत ध्यान रखा। मेरी 17 साल की भतीजी ने बच्ची का नाम 'हीर' रखा है।