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प्रताड़ना से तंग आकर सिख नेता ने परिवार के साथ छोड़ा पाकिस्तान

पाकिस्तान (Pakistan) में अल्पसंख्यकों (Minorities) का उत्पीड़न रूकने का नाम नहीं ले रहा है। आलम ये है कि वहां आम अल्पसंख्यक ही नहीं माइनॉरिटीज नेताओं का भी रहना मुश्किल हो गया है। अब पाकिस्तान के जाने माने बड़े सिख नेता (Sikh Leader) सरदार राधेश सिंह (Radhesh Singh) उर्फ टोनी भाई ने मुल्क़ छोड़ने का निर्णय लिया है। राधेश सिंह को लगातार धमकियां मिल रही थीं।

Imran Khan

 

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जनवरी): पाकिस्तान (Pakistan) में अल्पसंख्यकों (Minorities) का उत्पीड़न रूकने का नाम नहीं ले रहा है। आलम ये है कि वहां आम अल्पसंख्यक ही नहीं माइनॉरिटीज नेताओं का भी रहना मुश्किल हो गया है। अब पाकिस्तान के जाने माने बड़े सिख नेता (Sikh Leader) सरदार राधेश सिंह (Radhesh Singh) उर्फ टोनी भाई ने मुल्क़ छोड़ने का निर्णय लिया है। राधेश सिंह को लगातार धमकियां मिल रही थीं। ये सिलसिला तभी शुरू हो गया था, जब उन्होंने 2018 आम चुनाव में बतौर उम्मीदवार हिस्सा लिया था। वो पेशवर के रहने वाले हैं और उन्होंने वहीं से चुनाव लड़ा था। बाद में धमकियों से तंग आकर उन्होंने लाहौर का रुख किया। राधेश सिंह के उत्पीड़न के संबध में भारतीय सिखों ने भी विरोध जताया है,अकाली दल के प्रवक्ता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस मामले में विदेश मंत्री एस जयशंकर से संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। 

दरअसल सरदार राधेश सिंह साल 2018 में आम चुनावों में पेशावर के अपने मूल इलाके से चुनाव में खड़े हुए थे, उसके बाद से उन्हें धमकियां मिलनी शुरू हो गई थीं, बाद वो पेशावर छोड़ कर लाहौर पहुंचे, लाहौर पहुंचने के बाद उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की भी मांग की थी। लेकिन किसी तरह का सहयोग न मिलने पर उन्होंने आखिरकार पाकिस्तान ही छोड़ने का निर्णय लिया बाद  में वो अपनी और अपने परिवार की जान बचाने के लिए पाकिस्तान छोड़ने का फैसला किया।

RADHESH SINGH

सरदार राधेश सिंह ने कहा कि उन्हें ये बताते हुए दुख हो रहा है लेकिन ये जरूरी था। वो फ़िलहाल किसी अज्ञात स्थान पर रह रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि कट्टरपंथी ताकतें उनका पीछा इतनी आसानी से नहीं छोड़ेंगी।  राधेश सिंह ने कहा कि 'अगर बात सिर्फ मेरी जान की होती तो मैं किसी भी सूरत में पाकिस्तान नहीं छोड़ता। लेकिन, ये मेरे परिवार और मुझसे जुड़े लोगों की जिंदगी का भी सवाल था। इस स्थिति में मेरे पास मातृभूमि छोड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। मैं ये नहीं बता सकता कि मैं फिलहाल कहां रह रहा हूं। लेकिन हां, उचित समय आने पर मैं जरूर इसका खुलासा करूंगा।' फिलहाल सरदार राधेश सिंह किसी अज्ञात जगह पर रह रहे हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ अक्सर गलत व्यवहार के मामले सामने आते हैं। धर्मांतरण के ज्यादातर मामले भी अल्पसंख्यकों के साथ ही होते हैं। 


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