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पाक पर लटकी FATF की तलवार, ब्लैक लिस्ट से बचने के लिए अमेरिका के आगे गिड़गिड़ाए इमरान

एफएटीएफ में ब्लैक लिस्ट की लटकी तलवार से बचने के लिए पाकिस्तान अमेरिका के आगे नाक रगड़ रहा है। एफएटीएफ की बीजिंग में होने वाली बैठक से पहले पाकिस्तान बेचैन है। अब उसने अमेरिका से गुहार लगाई है कि वह उसे एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर निकालने में मदद करे।

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 न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 जनवरी): एफएटीएफ में ब्लैक लिस्ट की लटकी तलवार से बचने के लिए पाकिस्तान अमेरिका के आगे नाक रगड़ रहा है। एफएटीएफ की बीजिंग में होने वाली बैठक से पहले पाकिस्तान बेचैन है। अब उसने अमेरिका से गुहार लगाई है कि वह उसे एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर निकालने में मदद करे। इस्लामाबाद इसलिए इतना बेचैन है क्योंकि अगर अप्रैल तक वह एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से नहीं निकल पाया तो वह ब्लैकलिस्ट हो सकता है। बीजिंग  में होने वाली एफएटीएफ की बैठक में टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पाकिस्तान की तरफ से उठाए गए कदमों की समीक्षा होगी।

इसी हफ्ते पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मिलने वाले हैं। खान स्विटजरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की 21 जनवरी से 23 जनवरी तक होने वाले सम्मेलन में शामिल होंगे। वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम से इतर वह ट्रंप से मुलाकात करेंगे। खास बात यह है कि पेइचिंग में एफएटीएफ वर्किंग ग्रुप की बैठक भी 21 जनवरी से 23 जनवरी तक चलेगी।

एफएटीएफ वर्किंग ग्रुप के साथ 3 दिनों तक आमने-सामने की बातचीत के लिए पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को ही बीजिंग पहुंच चुका है। एफएटीएफ वर्किंग ग्रुप के साथ पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की आमने-सामने बातचीत मंगलवार से शुरू होगी। इस दौरान इस बात की समीक्षा की जाएगी कि पाकिस्तान ने पैरिस में एफएटीएफ की बैठक के दौरान तय किए गए मानकों का पालन किया है या नहीं।

पिछले साल अक्टूबर में एफएटीएफ ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकी संगठनों के लिए टेरर फंडिंग पर लगाम लगाने में नाकाम होने की वजह से पाकिस्तान को 'ग्रे 'लिस्ट में रखने का फैसला किया। अगर इस साल अप्रैल तक पाकिस्तान इस लिस्ट से बाहर नहीं निकल पाया तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उस पर ईरान की तरह ही कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

पाकिस्तान ने 8 जनवरी को एफएटीएफ को 650 पेज की रिव्यू रिपोर्ट सौंपी थी। यह रिपोर्ट मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर पाकिस्तान की नई नीतियों के संबंध में एफएटीएफ द्वारा पूछे गए 150 सवालों के जवाब में पेश की गई। रिपोर्ट में अक्टूबर 2019 से जनवरी 2020 के बीच एफएटीएफ की सिफारिशों को लागू करने की दिशा में पाकिस्तान द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताया गया है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शुक्रवार को वॉशिंगटन में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उम्मीद जताई थी कि बीजिंग  में अमेरिका इस्लामाबाद को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर निकालने में मदद करेगा। कुरैशी 3 दिन की अमेरिका यात्रा पर गए थे।

Images Courtesy: Google


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