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पाकिस्तान में छिपने की जगह ढूढ़ रहे हैं आतकी, अगले महीने आ रहा है राफेल

श्मीर पर फ्रांस ने एक बार फिर से खुलकर भारत का समर्थन किया है। दो दिनों के दौरे पर जी-7 समिट में हिस्सा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। जिसमें कश्मीर पर भी बात हुई

Modi-Macron

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 अगस्त): कश्मीर पर फ्रांस ने एक बार फिर से खुलकर भारत का समर्थन किया है। दो दिनों के दौरे पर जी-7 समिट में हिस्सा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। जिसमें कश्मीर पर भी बात हुई। द्विपक्षीय वार्ता के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों ने साफ कहा कि भारत ने कश्मीर पर जो फैसला किया है वो ठीक है। इससे पहले फ्रांस ने यूएन में भी कश्मीर पर भारत का समर्थन किया था।

 इन सबके बीच खबरे आ रही है कि भारत को फ्रांस से पहला राफेल फाइटर जेट जल्द मिलने वाला है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ 20 सितंबर को फ्रांस दौरे पर जा रहे हैं। इसी दौरान फ्रांसीसी फर्म डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित पहला राफेल फाइटर जेट भारत को मिलेगा। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने एएनआइ को बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में एक बड़ी टीम को केंद्र सरकार द्वारा 20 सितंबर को राफेल विमान लेने के लिए भेजा जा रहा है। रक्षा मंत्री और भारतीय वायुसेना प्रमुख को फ्रांस के अधिकारी पहले राफेल विमान को निर्माण संयंत्र के पास से सौपेंगे।

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दो दिन की फ्रांस यात्रा पर गए पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय बैठक के दौरान बातचीत की। इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों ने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय ढंग से कश्मीर मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए और क्षेत्र में किसी तीसरे पक्ष को 'हस्तक्षेप' नहीं करना चाहिए या हिंसा को भड़काना नहीं चाहिए। मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आमने-सामने की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की। वार्ता के बाद एक साझा प्रेस बयान में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें जम्मू-कश्मीर पर भारत द्वारा लिए गए हाल के फैसले से अवगत कराया और यह भी बताया कि यह भारत की संप्रभुता से जुड़ा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों के साथ साझा बयान में कहा कि जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर भारत सदियों से परंपरा और संस्कार से प्रकृति के साथ तालमेल करके ही जीता आ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी दोस्ती किसी स्वार्थ पर नहीं, बल्कि ‘लिबर्टी, इक्वलिटी और फ्रेटरनिटी’ के ठोस आदर्शों पर टिकी है। यही कारण है भारत और फ्रांस ने कंधे से कंधा मिलाकर आजादी और लोकतंत्र की रक्षा की है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और तकनीक के समावेशी विकास की चुनौतियों का सामना करने के लिए फ्रांस और भारत एक साथ मजबूती से खड़े हैं।  

वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्यूल मैक्रों ने साझा बयान के दौरान भारत के साथ अपने संबंधों को और बेहतर बनाने की बात कही। उन्होंने भारत के साथ परमाणु परियोजना पर कहा कि अगर हम परमाणु प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हैं, तो इस साल के अंत तक जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना पर चर्चा होगी, ताकि हम इसे आगे बढ़ा सकें। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें जम्मू-कश्मीर पर भारत द्वारा लिए गए हाल के फैसले से अवगत कराया और यह भी बताया कि यह भारत की संप्रभुता से जुड़ा है। मैक्रों ने कहा, 'मैंने उनसे कहा कि भारत और पाकिस्तान को इस मुद्दे का समाधान निकालना होगा और किसी तीसरे पक्ष को इस क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए या हिंसा को भड़काना नहीं चाहिए।' उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखी जानी चाहिए और लोगों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, 'मैं कुछ दिनों बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी बात करूंगा और उनसे कहूंगा कि वार्ता द्विपक्षीय होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि फ्रांस अगले महीने भारत को 36 राफेल लड़ाकू विमानों में से पहले विमान की आपूर्ति कर देगा।


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