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फिलिस्तीन ने राष्ट्रपति ट्रंप की बात मानने से किया इनकार

येरूशलम को लेकर फिलिस्तीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है। फिलिस्तीन ने राष्ट्रपति ट्रंप के शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि यह प्रस्ताव व शांति योजना इजराइल का पक्षधर है इसलिए हम इसे खारिज करते हैं।

Donald Trumps, Benjamin Netanyahu

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (29 जनवरी): येरूशलम (Jerusalem) को लेकर फिलिस्तीन (Palestinian) ने अमेरिकी (American) राष्ट्रपति (President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trumps) के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है। फिलिस्तीन ने राष्ट्रपति ट्रंप के शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास President (Mahmoud Abbas) ने कहा कि यह प्रस्ताव व शांति योजना इजराइल (Israel) का पक्षधर है इसलिए हम इसे खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि वह झुकेने वाले नहीं हैं, वो इजराइल का विरोध करते रहेंगे। राष्ट्रपति अब्बास ने आगे कहा कि 'आज हमने जो बकवास सुनी है, उसके बाद हम इस शांति योजना डील के लिए एक हजार बार ना कहते हैं।' फिलिस्तीनी राष्ट्रपति के अलावा फिलिस्तीनी इस्लामी आंदोलन हमास ने भी अमेरिका द्वारा प्रस्तावित इजराइल-फिलिस्तीन शांति प्रस्ताव को तत्काल खारिज कर दिया। हमास के वरिष्ठ अधिकारी खलील अल-हाय्या ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि 'हम इस प्रस्ताव को खारिज करते हैं. हम फिलिस्तीन की राजधानी के रूप में यरुशलम के अलावा किसी और विकल्प को स्वीकार नहीं करेंगे।'

इससे पहले इजराइल-फलस्तीन विवाद को हल करने के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित ‘मध्यपूर्व (पश्चिम एशिया) शांति योजना’ का खाका पेश करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि है कि येरूशलम इजराइल की राजधान बनी रहेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि येरूशलम शहर इजराइल की अविभाजित राजधानी बना रहेगा। व्हाइट हाउस में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू की मौजूदगी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी इस योजना को पेश करते हुए कहा कि 'इस्राइल शांति की दिशा में विशाल कदम उठाने जा रहा है। मेरी योजना के तहत येरूशलम इजराइल की अविभाजित, बेहद अहम राजधानी बनी रहेगी। मेरी योजना एक यथार्थवादी दो-राष्ट्र समाधान पेश करती है।' 

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इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने पूर्वी येरूशलम में फिलिस्तीनी राजधानी बनाए जाने का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने अपनी इस योजना को 'डील ऑफ द सेंचुरी' (सदी का सबसे बड़ा सौदा) करार देते हुए कहा कि 'यह उनके (फलस्तीनियों) लिए आखिरी मौका हो सकता है। फलस्तीनी कहीं ज्यादा बेहतर जिंदगी के हकदार हैं।' उन्होंने कहा कि किसी भी इजरायली या फिलिस्तीनियों को उनके घरों से नहीं निकाला जाएगा। 

पूर्वी यरुशलम में फिलिस्तीनी राजधानी का प्रस्ताव पेश करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि और अमेरिका वहां अपना दूतावास स्थापित करेगा। ट्रंप ने फिलिस्तीनियों से इस सौदे को स्वीकार करने और क्षेत्र में शांति लाने का आग्रह भी किया है। अपनी इस योजना को 'ऐतिहासिक' बताते हुए, ट्रंप ने दावा किया कि दुनिया भर के नेता उनके प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को पत्र लिखा है। नेतन्याहू ने ट्रंप की योजना का स्वागत करते हुए इजराइल के लिए इस निर्णय को 'ऐतिहासिक' बताया।

(Image Credit: Google)


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