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चीन ने मुसलमानों के नमाज पढ़ने पर लगाई पाबंदी

चीन मुसलामानों को सही दीन बताने के लिए कुरान और शरिया तक फिर से लिख रहा है और पाकिस्तान में अपना एजेंडा भी चलाना शुरू कर दिया है। मुफ्ती तारिक मसूद की मानें तो पाकिस्तान में मौजूद चीनी फैक्ट्रियों में नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगाई जा रही है। नमाज पढ़ने की ज्यादा जिद करने वालों को नौकरी से निकाला जा रहा है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली, 25 जनवरी: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को ना तो चीन में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार दिखता है, ना अपने मुल्क में खड़ी फैक्ट्रियों में चीन का भेदभाव। चीन मुसलामानों को सही दीन बताने के लिए कुरान और शरिया तक फिर से लिख रहा है और पाकिस्तान में अपना एजेंडा भी चलाना शुरू कर दिया है। मुफ्ती तारिक मसूद की मानें तो पाकिस्तान में मौजूद चीनी फैक्ट्रियों में नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगाई जा रही है। नमाज पढ़ने की ज्यादा जिद करने वालों को नौकरी से निकाला जा रहा है।

पाकिस्तान के मौलवी चिल्ला रहे हैं कि चीन की वजह से इस्लाम खतरे में हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा से लेकर अपने मुल्क तक में किसी कट्टर मौलाना की तरह इस्लाम की पैरवी करने वाले इमरान खान की तब जुबान पर ताला लग जता है, जब बात चीन में उइगर मुसलमानों पर बेहिसाब अत्याचार और जुल्म ही आती है। उइगर मुसलमानों पर चीन के अत्याचार की कहानी नई नहीं है। दशकों से चीन में उइगर मुसलमानों को मारा-पीटा जाता है। उनका बेरहमी से कत्ल कर दिया जाता है। बिना कोई वजह बताए जेल में ठूंस दिया जाता है।

दो साल पहले एक पाकिस्तानी शख्स अपनी पत्नी के साथ जब चीन के शिनजियांग गया तो चीन की पुलिस ने इसकी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कसूर सिर्फ इतना था कि वो एक उइगर मुसलमान थी। पीड़ित पति ने बीजिंग से इस्लामाबाद तक हर जगह मदद की गुहार लगाई पर कोई फायदा नहीं हुआ। उसकी पत्नी दो महीने जेल में रही और उसे पत्नी से नहीं मिलने दिया गया। इस शख्स ने बताया, ''मैं बीजिंग गया और पाकिस्तानी दूतावास से मदद मांगी पर कोई मदद नहीं मिली। मेरे देश पाकिस्तान ने भी कोई मदद नहीं की, मैं बहुत दुखी हूं।''

चीन में उइगर मुसलमानों से ज्यादती का ये इकलौता सच नहीं। ऐसे कई पीड़ित सामने आ चुके हैं, जिन्होंने चीन की पुलिस और सेना के अत्याचार की खौफनाक सच्चाई दुनिया के सामने रखी है। मिहरीगुल तुरसुन को उइगर मुस्लिम होने की वजह से चीन ने लंबे वक्त तक जेल में रखा और ऐसी ऐसी यातनाएं दी जिसे सुनकर रूह कांप उठे। किसी तरह जेल से बाहर आने के बाद तुरसुन ने अपनी आपबीती दुनिया के सामने रखी, पर इमरान खान को ये भी नहीं दिखता।

आपको बता दें कि चीन के शिनजियांग में उइगर मुसलमानों को यातना देने के लिए एक ऐसी जेल बनाई गई है, जिसमें करीब 10 लाख से भी ज्यादा उइगर मुसलमानों को कैद करके रखा गया है। वहीं चीन की दलील है कि ये जेल नहीं एजुकेशन सेंटर है, जिसमें कट्टरपंथी सोच वाले लोगों को सुधार के लिए रखा जाता है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। दरअसल चीन के शिनजियांग में एक ऐसी खुफिया जेल है जिसे चीन ने दुनिया से छिपाकर रखा है, पर सैटेलाइट तस्वीरों से इस जेल की मौजूदगी का सच सामने आ गया। बताया जाता है कि इस जेल में उइगर मुसलमानों को जबरदस्ती बंद करके रखा गया है, उन्हें न तो नमाज पढ़ने की इजाजत है, न रोजा रखने की और न ही अपनी पसंद के कपड़े पहनने की। उइगर मुसलमानों पर तरह-तरह के टॉर्चर किए जाते हैं।

चीन की खूनी चाल

चीन में करीब 2.5 करोड़ मुस्लिम आबादी

इनमें 1 करोड़ से ज्यादा उइगर मुसलमान

शिनजियांग प्रांत में सबसे ज्यादा थे उइगर

पिछले कुछ सालों से हान समुदाय की संख्या बढ़ी

खास बात ये है कि चीन की सेना और पुलिस न सिर्फ शिनजियांग में उइगर मुस्लमानों का शोषण कर रही है बल्कि बड़ी संख्या में उइगर मुस्लिम महिलाओं को गायब कर रही है। इससे उइगर मुसलमानों के मन में खौफ बढ़ता जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान हो या तुर्की या फिर ईरान, कोई भी मुस्लिम देश उइगर मुसलमानों की हालत पर बोलने के लिए तैयार नहीं है और चीन की नाम आते ही इमरान खान के मुंह पर ताला लग जाता है।

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