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ईरान ने मार गिराया अमेरिकी ड्रोन, दुनिया पर मंडराया एटमी जंग का खतरा

ईरान ने गुरुवार को कहा था कि उसने अमेरिका के ग्लोबल हॉक ड्रोन को मार गिराया है। इस ड्रोन को मार गिराना सामान्यतः किसी देश की सेना के लिए मुश्किल है। जिस हथियार से इस ड्रोन को मारा जा सकता है वो सिर्फ रूस के पास है। ईरान के कदम के बाद अमेरिका और ईरान में जंग का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह जंग छिड़ी तो दुनिया एटमी जंग के भयावह दौर से गुजरेगी

IRAN Shot Down US Drone

 न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 जून): अमेरिका और ईरान के बीच जंग के बढ़ते आसार ने दुनिया भर के देशों के माथे पर चिंता की लकीरें  खींच दी हैं। अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने के बाद इस जंग के आसार और बढ़ गये हैं। ईरान ने गुरुवार को कहा था कि उसने अमेरिका के ग्लोबल हॉक ड्रोन को मार गिराया है। इस ड्रोन को मार गिराना सामान्यतः किसी देश की सेना के लिए मुश्किल है। जिस हथियार से इस ड्रोन को मारा जा सकता है वो सिर्फ  रूस के पास है।  ईरान के कदम के बाद अमेरिका और ईरान में जंग का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह जंग छिड़ी तो दुनिया एटमी जंग के भयावह दौर से गुजरेगी। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने अंतर्राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में अमेरिकी ड्रोन को गिराकर मुसीबत को दावत दी है। ईरान को इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है। 

अमेरिका और ईरान ने इस बारे में अपने-अपने दावे किए हैं पर अमेरिका ने स्वीकार किया है कि ईरान ने उसके 18 करोड़ डॉलर के शक्तिशाली जासूसी ड्रोन को गिरा दिया है। इसके फौरन बाद ईरान ने ऐलान कर दिया कि वह जंग के लिए पूरी तरह से तैयार है।  गल्फ क्षेत्र में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात है क्योंकि यह खबर ऐसे समय में आई है जब हाल ही में एक रिपोर्ट में आशंका जताई गई थी कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते परमाणु युद्ध हो सकता है।  

हालांकि अमेरिका ने ईरान की सेना के उस दावे को खारिज किया है कि यह ड्रोन उनके हवाई क्षेत्र में था। ईरान के कमांडर हुसैन सलामी ने बृहस्पतिवार को घोषणा कर दी कि उनके जवान जंग के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के ड्रोन को गिरा दिया गया क्योंकि हमारी सीमाएं ही रेड लाइन हैं और इसने यह पार कर दिया था।

अमेरिका के बेड़े में शामिल ट्राइटन ने यू-टू जासूसी प्लेन की जगह ली है और यह 56,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ सकता है। खास बात यह है कि इसे केवल दमदार रेडार गाइडेड मिसाइल से ही गिराया जा सकता है। इन मिसाइलों में से एक रूस का एस-300 सिस्टम है। ईरान ने यह मिसाइल रूस से ही खरीदा है। यह पहली बार है कि पहली बार अमेरिका के ट्राइटन ड्रोन को किसी ने गिराया है।Symbolic Images:Google


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