अनंतनाग में सुरक्षाबलों पर हमला पांच शहीद, एक आतंकी भी ढेर

Anantnag- Terrorists Attack

आसिफ सुहाफ, न्यूज 24 ब्यूरो, जम्मू-कश्मीर (12 जून): जम्मू कश्मीर अनंतनाग में बस स्टैंड के पास सुरक्षाबलों के दस्ते पर  हुए इस हमले में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए। हमले के बाद मुठभेड़ में एक आतंकी भी मारा गया है। जानकारी मिली है कि बुधवार को हुए हमले में मारा गया आतंकवादी पाकिस्तानी है। उसका दूसरा साथी आतंकी भी पाकिस्तानी है। उसकी तलाश में सुरक्षाबल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इन दोनों आतंकियों की मदद स्थानीय स्लीपर सेल्स ने की थी। इस हमले में एएसआई रमेश कुमार झझर हरियाणा, एएसआई निरोद शर्मा, नलबारी असम, सिपाही सतेंद्र कुमार, मुजफ्फरनगर यूपी, सिपाही महेश कुशवाहा, गाजीपुर यूपी और सिपाही संदीप यादव देवास मप्र शहीद हो गये। इसके अलावा हेड कांस्टेबल राजिंदर इंगले. सिपाही प्रेमचंद कौशिक और सिपाही केदारनाथ ओझा गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक अनंतनाग में बाइक सवार 2 नकाबपोश आतंकी आए और सीआरपीएफ और पुलिस बल के जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। एसएचओ सदर अनंतनाग इंस्पेक्टर इरशाद गंभीर रूप से घायल हैं, उन्हें सीने में गोली लगी है। डॉक्टरों ने उन्हें श्रीनगर अस्पताल रैफर कर दिया है। इस आतंकी हमले में  एक महिला भी घायल है। जबकि इस गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया है, वहीं दूसरे आतंकवादी की तलाश जारी है।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान ने सोमवार को सीजफायर का उल्लंघन किया, जिसमें एक जवान शहीद हो गया। गोलीबारी में एक जवान घायल भी हुआ है। पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी शुरू की गई, जिसका भारतीय सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया।दरअसल, अनंतनाग और शोपियां में सुरक्षाबल लगातार आतंकियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। ईद पर सुरक्षाबलों ने कश्मीर के कई हिस्सों में ईद मिलन समारोह आयोजित कर  भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़ने और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान किया था। सुरक्षाबलों की इस मुहिम का सकारात्मक असर भी देखने को मिला। लेकिन पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आकाओं को यह अच्छा नहीं लगा। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने आतंकी संगठनों को कश्मीर में आतंकी वारदतों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। दरअसल, बलूचिस्तान, सिंध और खैबर पख्तूनवा में विद्रोही आंदोलनों के तेज होने से पाकिस्तान में गृह युद्ध के आसार बने हुए हैं। पाकिस्तान सरकार और आईएसआई अपनी जनता का ध्यान गृहयुद्ध के आसन्न संकट से हटाने के लिए कश्मीर का मुद्दा गरम रखना चाहती है।