ऐसे पकड़ा गया IS मॉड्यूल, नौकर बन गांव में रह रहे थे NIA अफसर

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 दिसंबर): नए साल पर देशभर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने वाले आइएस मॉडयूल का खुलासा कैसे हुआ? भीड़भाड़ वाले इलाके, बड़े नेता और 26 जनवरी को धमाके की साजिश कैसे रची गई ? दिल्ली से यूपी तक 17 जगहों पर एक साथ छापेमारी मारने की प्लानिंग कब से चल रही थी।

देसी रॉकेट लॉन्चर, 25 किलो पोटैशियम नाइट्रेट, 12 पिस्टल, 150 गोलियां, 135 सिम, 91 फोन, 3 लैपटॉप, चाकू, तलवार, 120 अलार्म घड़ियां, बम बनाने के 51 पाइप और एक वीडियो जिसमें बम बनाने का तरीका बताया जा रहा है । गृह मंत्री ने कहा ये एनआईए की बहुत बड़ी कामयाबी है । सवाल उठता है कि एनआईए को इतनी बड़ी कामयाबी मिली कैसे ? एनआईए के अधिकारी ने कहा तीन महीनों की अथक मेहनत का ये नतीजा है। लेकिन इस टेरर मॉडयुल का जिस तरीके से पर्दाफाश किया गया वो किसी थ्रीलर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा ही है।

सूत्रों के मुताबिक अमरोहा के गांव सैदपुर इम्मा में एक गांव वाले के घर एनआईए के अफसर बतौर नौकर बनकर रह रहे थे। इन अफसरों ने आतंकी नेटवर्क की पल-पल की जानकारी आला अफसरों तक पहुंचाई। सूत्र बता रहे हैं कि एनआईए की टीम की नजर सबसे ज्यादा अमरोहा के आईएस मॉडयूल पर थी। इसके लिए एनआईए के अधिकारी अमरोहा में पालिका की सर्वे टीम में शामिल होकर मुफ्ती सुहैल के घर के आसपास जानकारी जुटाई। ये भी खुलासा हुआ है कि सर्वे टीम में ही शामिल होकर एनआईए के अधिकारी दो हफ्ते पहले मुफ्ती सुहैल के घर पहुंचे थे।

ऑपरेशन से अनजान थी लोकल पुलिस

बताया जा रहा है कि एनआईए अफसर इतनी सतर्कता बरत रहे थे कि इसकी भनक स्थानीय पुलिस और स्थानीय खुफिया एजेंसियों को भी नहीं लगने दी। जब छापेमारी की पूरी तैयारी कर ली गई तो स्थानीय पुलिस को घेराबंदी के लिए एन वक्त पहले जानकारी दी गई।

पहली बार नया आतंकी गुट

हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम का नाम सामने आया है। अब तक पकड़े गए 10 संदिग्ध आतंकियों को 12 दिन के लिए एनआईए के रिमांड पर भेज दिया गया है। अब एनआईए की टीम इनसे पूछताछ करेगी और सबसे बड़ा राज उगलवाने की कोशिश करेगी कि आखिर वो विदेश बैठा बगदादी का हैंडलर कौन है जिसके इशारे पर हिन्दुस्तान को दहलाने की साजिश रची जा रही थी।