वॉट्सऐप के बाद भी 'जिंदा' है SMS, जानें इसकी वजह

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(22 जून): अगर आपको लगता है कि वॉट्सऐप, फेसबुक मेसेंजर, टेलीग्राम जैसे मेसेजिंग ऐप और प्लैटफॉर्म के कारण SMS या शॉर्ट मेसेजिंग सर्विस की धीमी 'मौत' हो गई है। यानी, SMS का वजूद खत्म हो गया है, तो आपको अपनी राय बदलने की जरूरत है। 2019 में SMS के 50 करोड़ डॉलर (करीब 35 अरब रुपये) से ज्यादा का बिजनस करने की उम्मीद है। साथ ही, हर महीने टेलिकॉम नेटवर्क्स में करीब

ऐप-टू-पर्सन कैटिगरी में जबर्दस्त ग्रोथ

हालांकि, पर्सन-टू-पर्सन मेसेज (एक व्यक्ति द्वारा दूसरे को भेजे जाने वाले SMS) कैटिगरी में ग्रोथ देखने को नहीं मिली है। इस कैटिगरी की ग्रोथ लगभग फ्लैट रही है। ऐप-टू-पर्सन (A2P) SMS कैटिगरी में जबर्दस्त ग्रोथ देखने को मिली है और इसकी वजह ऐप्स हैं, जिन्हें यूजर्स अपने स्मार्टफोन्स में डाउनलोड कर रहे हैं। ये ऐप्स, यूजर्स को टेक्स्ट मेसेज भेजे रहे हैं। इन ऐप्स की तरफ से नोटिफिकेशंस, ऐडवर्टाइजमेंट्स, प्रमोशंस और ट्रांजैक्शन कंफर्मेशंस टेक्स्ट मेसेज के रूप में आ रहे हैं।

इस साल 265 अरब तक पहुंच जाएंगे ऐप-टू-पर्सन SMS

इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, साल 2014 से ऐप-टू-पर्सन SMS कैटिगरी में हर साल 20 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है और साल 2018 में यह 210 अरब मेसेज तक पहुंच गई है। इस साल यानी 2019 में इसके 265 अरब मेसेज पहुंचने की उम्मीद है। पांच साल पहले यह आंकड़ा 100 अरब मेसेज से कम था। 

अर्न्स्ट एंड यंग में टेलिकॉम एडवायजरी के पार्टनर और लीडर भारत भार्गव का कहना है, 'ऐप-टू-पर्सन SMS या एंटरप्राइस मेसेजिंग में तेज उछाल देखने को मिला है।' उन्होंने बताया कि मार्केटिंग, बैंकिंग, वन-टाइम-पासवर्ड (OTP) कंफर्मेशंस, ट्रांजैक्शन अलर्ट, नोटिफिकेशंस, ब्रैंडिंग जैसे वर्टिकल्स में इसका एडॉप्शन तेजी से बढ़ा है।