Blog single photo

अयोध्याः विवादित जमीन के मालिकाना हक पर अहम फैसला सुनायेगा सुप्रीम कोर्ट

संवैधानिक मूल ढांचा आदि की व्याख्या तब संवैधानिक बेंच ने की थी। अबकी बार दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई है। भारतीय राजनीति से लेकर धार्मिक व सामाजिक ताने-बाने के संदर्भ में ये मामला बेहद महत्वपूर्ण है जिसके फैसले की घड़ी आ गई। आईए जानते हैं 40 दिन तक सुप्रीम कोर्ट ने जिन बिंदुओं पर सुनवाई की वो कौन-कौन से हैंः

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (8 नवंबर): अयोध्या के राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट शनिवार यानी 9 नवंबर सुबह साढे दास बजे यह बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाने वाला है। सुप्रीम कोर्ट में यह अब तक की सबसे लंबी सुनवाई है। 40 दिन हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों ने जोरदार और दमदार दलीलें पेश कीं। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह दूसरी सबसे लंबी सुनवाई केशवानंद भारती से सबंधित वाद में सुप्रीम कोर्ट में चली थी तब 68 दिन सुनवाई चली थी।

संवैधानिक मूल ढांचा आदि की व्याख्या तब संवैधानिक बेंच ने की थी। अबकी बार दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई है। भारतीय राजनीति से लेकर धार्मिक व सामाजिक ताने-बाने के संदर्भ में ये मामला बेहद महत्वपूर्ण है जिसके फैसले की घड़ी आ गई। आईए जानते हैं 40 दिन तक सुप्रीम कोर्ट ने जिन बिंदुओं पर सुनवाई की वो कौन-कौन से हैंः

1- विवादित स्थल पर मालिकाना हक: सुप्रीम कोर्ट के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर मालिकाना हक किसका है?

2-विवादित स्थल पर पजेशन किसका रहा: इस सवाल का भी जवाब सुप्रीम कोर्ट से मिलेगा। दोनों पक्षकार का दावा है कि पजेशन उनका रहा है।

3- भगवान राम का जन्मस्थान: भगवान राम का जन्मस्थान कहां है वह कौन सी जगह है जहां भगवान राम पैदा हुए? इस बाद पर दोनों पक्षकार आमने सामने हैं।

4-जन्मस्थान ही न्यायिक व्यक्ति: यह एक अहम मुद्दा सामने आया है। जन्मस्थान को ही कानूनी व्यक्ति का दर्जा दिया जाए या नहीं ये भी सवाल सुप्रीम कोर्ट के सामने है।

5- एएसआई की रिपोर्ट: आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट को दोनों पक्षकार अपने फेवर में बता रहे हैं और एक दूसरे की दलील को नकार रहे हैं। यह अहम सवाल है कि रिपोर्ट किसके फेवर में है।

6- विदेशी यात्रियों के यात्रा वृत्तांत और गजेटियर्स: इस मामले में विदेशी यात्रियों के वृत्तांत और गजेटियर्स में विदादित स्थल के बारे में कई संदर्भ हैं उस पर स्थिति स्पष्ट होगी।

7-खुदाई के अवशेष में मंदिर और मस्जिद के दावे: ये अहम सवाल है कि आखिर जो खुदाई में स्ट्रक्चर मिले थे वह मंदिर के अवशेष थे या नहीं।

8-मंदिर तोड़कर मस्जिद बनी या नहीं: ये भी सवाल उठा है कि मस्जिद जब बनाई गई तो क्या वह मंदिर तोड़कर बनाई गई या मंदिर के स्ट्रक्चर पर बनाई गई या फिर खाली जमीन पर।

9- विवादित स्थल पर पूजा होता रहा या नमाज या फिर दोनों: इस सवाल पर भी दोनों के अपने-अपने दावे हैं और इन दावों के लिए गवाहों के बयान आदि हैं। पर सवाल अहम है।

10- विवादित स्थल पर मूर्ति थी या नहीं: यह भी अहम सवाल है कि आखिर मूर्ति बीच वाले गुंबद के नीचे थी या नहीं।

11- मस्जिद तोड़ने के बाद उसके प्रकृति पर क्या असर: यह भी अहम सवाल है कि क्या मस्जिद में अगर नमाज न पढ़ी जाए तो वह मस्जिद नहीं होती?

Image Courtesy: Google

Tags :

NEXT STORY
Top