News

हिमा दास: नंगे पैर से गोल्डन गर्ल तक का सफर, कभी पहनने को नहीं थे जूते

भारत की धावक हिमा दास ने लगातार 5 गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। ढिंग एक्प्रेस की नाम से फेमस हिमा ने अपने इस प्रदर्शन से सबको अपना कायल बना लिया है। एक महीने के अंदर हिमा ने अलग-अलग प्रतियोगिता में पांच गोल्ड जीते।

Photo: Google

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जुलाई): भारत की धावक हिमा दास ने लगातार 5 गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। ढिंग एक्प्रेस की नाम से फेमस हिमा ने अपने इस प्रदर्शन से सबको अपना कायल बना लिया है। एक महीने के अंदर हिमा ने अलग-अलग प्रतियोगिता में पांच गोल्ड जीते। 18 साल की हिमा असम के छोटे से गांव ढिंग की रहने वाली हैं और इसीलिए उन्हें 'ढिंग एक्सप्रेस' के नाम से भी जाना जाता है। 18 साल की हिमा ने दो साल पहले ही रेसिंग ट्रैक पर कदम रखा है। हिमा एक गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं।

असम की इस धावक के पिता रंजीत दास नौगांव जिले के ढिंग गांव में रहते हैं और पेशे से किसान हैं उनके पास ज्यादा जमीन नहीं है। मात्र दो बीघे जमीन पर खेती कर के अपने परिवार को चलाते हैं। हिमा के पिता याद करते हुए बताते हैं कि हिमा बच्पन में लड़को के साथ खेला करती थी। बह शुरुआत के दिनों में फुटबॉल खेला करती थीं। जवाहर नवोदय विद्यालय के पीटी टीचर ने उन्हें धावक बनने की सलाह दी। पैसों की कमी की वजह से उनके पास अच्छे जूते भी नहीं थे। स्थानीय कोच निपुन दास की सलाह मानकर जब उन्होंने जिला स्तर की 100 और 200 मीटर की स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता तो कोच भी हैरान रह गए। निपुन दास हिमा को लेकर गुवाहाटी आ गए।जिला स्तर के एक स्पर्धा में हिमा ने ऐसी दौड़ लगाई कि वहां मौजूद उनके कोच निपुन दास हैरान रह गए। हिमा ने यह दौड़ एक पूराने फटे जूतों में लगाई थी। उनकी गति अद्भुत थी। निपुन दास ने उनको धावक बनाने की ठान ली और गुवाहाटी लेकर गए। कोच ने उनका खर्च भी वहन किया। शुरू में उन्हें 200 मीटर की रेस के लिए तैयार किया गया। बाद में वह 400 मीटर की रेस भी लगाने लगीं।हिमा ने दो जुलाई को यूरोप में, सात जुलाई को कुंटो ऐथलेटिक्स मीट में, 13 जुलाई को चेक गणराज्य में और 17 जुलाई को टाबोर ग्रां प्री में अलग-अलग स्पर्धाओं में स्वर्ण जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स में हिमा ने वर्ल्ड ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप ट्रैक कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया और जीत दर्ज की। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी वह शामिल हुईं लेकिन छठे स्थान पर रहीं। हिमा बैंकॉक में एशियाई यूथ चैंपियनशिप में शामिल हुई थीं और 200 मीटर रेस में सातवें स्थान पर रही थीं।

हिमा दास भारत की पहली महिला धावक हैं जिन्होंने वर्ल्ड ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप ट्रैक में गोल्ड मेडल जीता है। हिमा ने 400 मीटर की रेस 51.46 सेकंड में खत्म करके यह रिकॉर्ड अपने नाम किया। हिमा को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ने उनके सफलाताओं के लिए ट्वीट करके बधाई दी। इसके अलावा मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने कहा, 'तुम्हारी जीत की भूख युवाओं के लिए प्रेरणा है।'


Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top