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स्टीव वॉ को लेकर शेन वॉर्न ने अपनी किताब में किया बड़ा खुलासा

पूर्व महान लेग स्पिनर शेन वार्न ने अपनी शीघ्र जारी होने वाली किताब 'नो स्पिन' में आॅस्ट्रेलियाई टीम के ड्रेसिंग रूम में बिताए गए अपने दिनों के बारे में कई दिलचस्प और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अपनी किताब में उन्होंने आॅस्ट्रेलिया के महानतम कप्तानों में से एक स्टीव वॉ को सबसे ज्यादा स्वार्थी इंसान बताया है तो, दूसरी तरफ 'बैगी ग्रीन कैप' के प्रति अंधभक्ति दिखाने से अपनी आपत्ति के बारे में भी बताया है। 'द टाइम्स' अखबार में इस किताब के कुछ अंश छपे हैं जिसमें शेन वॉर्न के हवाले से ये बातें लिखी गई हैं।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (1 अक्टूबर): पूर्व महान लेग स्पिनर शेन वार्न ने अपनी शीघ्र जारी होने वाली किताब 'नो स्पिन' में आॅस्ट्रेलियाई टीम के ड्रेसिंग रूम में बिताए गए अपने दिनों के बारे में कई दिलचस्प और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अपनी किताब में उन्होंने आॅस्ट्रेलिया के महानतम कप्तानों में से एक स्टीव वॉ को सबसे ज्यादा स्वार्थी इंसान बताया है तो, दूसरी तरफ 'बैगी ग्रीन कैप' के प्रति अंधभक्ति दिखाने से अपनी आपत्ति के बारे में भी बताया है। 'द टाइम्स' अखबार में इस किताब के कुछ अंश छपे हैं जिसमें शेन वॉर्न के हवाले से ये बातें लिखी गई हैं। 

अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक वॉर्न ने अपनी किताब में लिखा है, 'आॅस्ट्रेलियाई टीम की जितनी पूजा की जाती है, जिसमें जस्टिन लैंगर, मैथ्यू हेडन और एडम गिलक्रिस्ट शामिल थे। जिनकी इसके प्रति श्रद्धा थी। लेकिन मेरे साथ ऐसा नहीं था। वे टीम को पसंद करते थे लेकिन ईमानदारी से कहूं तो आधे समय तो वे मुझे इससे खिन्न करते थे। मेरा मतलब है कि कौन क्रिकेट टीम की कैप विम्बलडन में पहनता है? यह शर्मसार करने वाला था। मार्क वॉ को भी ऐसा ही लगता था। मुझे यह साबित करने के लिए 'बैगी ग्रीन कैप' की जरूरत नहीं थी कि मेरे लिए आॅस्ट्रेलिया की ओर से खेलना कितनी अहमियत रखता है या फिर हमें देख रहे लोगों के लिए यह कितनी अहमियत रखता है।' 

वार्न ने अपनी किताब के में पूर्व आॅस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ के बारे में काफी खुलकर लिखा है। वॉर्न उस घटना का जिक्र किया है, जब 1999 में फॉर्म में नहीं होने का हवाला देते हुए उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए आॅस्ट्रेलियाई टीम से बाहर कर दिया गया था। तब स्टीव वॉ टीम के कप्तान थे और उनका समर्थन नहीं मिलने से वॉर्न को लग रहा था कि उन्हें नीचा दिखाया गया है। उन्होंने इस घटना का जिक्र करते हुए लिखा है, 'मैं टीम का उप कप्तान था और साधारण गेंदबाजी कर रहा था। टुगा (स्टीव वॉ) ने चयन समिति की बैठक में शुरुआत की और तत्कालीन कोच ज्योफ मॉर्श ने कहा, 'वार्नी, मुझे नहीं लगता कि तुम्हें अगले टेस्ट में खेलना चाहिए।'  

शेन वॉर्न ने उस घटना के बारे में याद करते हुए लिखा है, 'निराशा इतना ज्यादा कड़ा शब्द नहीं है। जब मुश्किल दौर आया तो टुगा (स्टीव वॉ) ने मेरा समर्थन नहीं किया। उस व्यक्ति ने मुझे नीचा दिखाया जिसका मैंने इतने समय तक समर्थन किया था और जो मेरा अच्छा दोस्त भी था। कप्तान बनने के बाद स्टीव वॉ का रवैया बहुत खराब हो गया था। मेरे प्रदर्शन के अलावा भी कुछ और घटनाएं हुईं। मुझे लगता है कि यह ईर्ष्या थी। उसने मेरी हर चीज पर टोकाटाकी शुरू कर दी, मुझे मेरी डाइट देखने को कहा। मुझसे कहता था कि मैं अपनी जिंदगी में कैसा व्यक्ति बनना चाहता हूं, खुद को किस तरीके से पेश करना चाहता हूं इसके बारे में सोचूं। मैंने उससे कहा, दोस्त तुम अपने बारे में सोचो।'


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