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संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष के साथ दिखाई देगी शिवसेना, BJP के लिए असहज स्थिति!

राज्यसभा के सूत्रों ने बताया है कि सोमवार से शुरू हो रहे सत्र में शिवसेना सांसद संजय राउत और अनिल देसाई विपक्ष की बेंचों पर बैठेंगे। माना जा रहा है कि शिवसेना के 18 लोकसभा सांसद भी विपक्षी खेमे में ही दिखेंगे, जो अब तक सत्ता पक्ष की बेंचों पर बैठते थे। आपको बता दें कि शिवसेना राज्य में एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की जुगत में है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 नवंबर): महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर बीजेपी से विवाद के बाद अलग राह पकड़ने वाली शिवसेना अब संसद में विपक्षी खेमे में बैठेगी। राज्यसभा के सूत्रों ने बताया है कि सोमवार से शुरू हो रहे सत्र में शिवसेना सांसद संजय राउत और अनिल देसाई विपक्ष की बेंचों पर बैठेंगे। माना जा रहा है कि शिवसेना के 18 लोकसभा सांसद भी विपक्षी खेमे में ही दिखेंगे, जो अब तक सत्ता पक्ष की बेंचों पर बैठते थे। आपको बता दें कि शिवसेना राज्य में एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की जुगत में है।

शिवसेना या बीजेपी की ओर से गठबंधन तोड़ने का औपचारिक ऐलान भले ही नहीं हुआ हो, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम से यह साफ है कि अब शिवसेना एनडीए का हिस्सा नहीं है। रविवार को होने वाली एनडीए की संसदीय दल की बैठक में भी शिवसेना ने जाने से इनकार कर दिया है।  रविवार को ही शिवसेना के संस्थापक रहे बालासाहेब ठाकरे की पुण्यतिथि भी है। करीब तीन दशकों से बीजेपी की साझीदार रही शिवसेना ने महाराष्ट्र में सीएम पद को लेकर तकरार के बाद अपनी राह अलग कर ली है।

शिवसेना के एक अन्य सांसद ने कहा कि जब एनडीए सदस्य बैठक कर रहे होंगे, उस समय पार्टी रविवार को बाल ठाकरे को श्रद्धांजलि देगी। सांसद ने पूछा, ‘फिर कैसे हम उस बैठक में शामिल हो पाएंगे?' शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए बीजेपी का समर्थन करने से इनकार कर दिया था जिसके बाद राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया और 12 नवंबर को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।

शिवसेना ने 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में 56 सीटें जीती थी। बीजेपी ने 288 सदस्यीय सदन में सबसे अधिक 105 सीटों पर जीत दर्ज की थी। शिवसेना की मांग थी कि मुख्यमंत्री पद और अन्य विभागों का एक समान आवंटन हो और इसके लिए बीजेपी तैयार नहीं थी। हालांकि बीजेपी और शिवसेना दोनों ने गठबंधन तोड़ने की आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की है।उद्धव ठाकरे की लीडरशिप वाली शिवसेना ने वैचारिक रूप से अलग मानी जाने वाली एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार गठन के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय कर लिया है। शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि यह लगभग तय है कि शिवसेना का कोई भी सांसद रविवार को एनडीए की मीटिंग में नहीं जाएगा।

शिवसेना के साथ सरकार बनाने पर राजी हुई एनसीपी और कांग्रेस उद्धव ठाकरे को ही महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं। कई सूत्रों ने बताया कि दोनों दलों ने शिवसेना को भी कह दिया है कि वे उद्धव के अलावा उनकी पार्टी से कोई भी दूसरा चेहरा गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं चाहते हैं।

Images Courtesy:Google

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