शरद यादव को मिलने वाले सभी भत्तों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, अभी खाली नहीं करना होगा बंगला

नई दिल्ली (7 जून): अयोग्य करार दिए गए पूर्व राज्यसभा सांसद शरद यादव के वेतन, हवाई यात्रा और रेल यात्रा भत्ता और अन्य मदों में दिए जाने वाले भत्तों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शरद यादव को फिलहाल नहीं खाली करना होगा तुगलक रोड का सरकारी बंगला।सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को निर्देश दिया कि वह आगामी 12 जुलाई को शरद यादव की सदस्यता मामले में जल्द सुनवाई कर मामले का जल्द निपटारा करे। शीर्ष अदालत ने 18 मई को जदयू के राज्यसभा सांसद रामचन्द्र प्रसाद सिंह की याचिका पर शरद यादव को नोटिस जारी किया था।राज्यसभा में जदयू के नेता रामचन्द्र प्रसाद सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट के पिछले साल 15 दिसंबर के आदेश को चुनौती दी है। इस आदेश में हाई कोर्ट ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शरद यादव की अयोग्यता पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था और उन्हें अपना वेतन, भत्ते लेने तथा यह याचिका लंबित होने तक सरकारी आवास में रहने की अनुमति प्रदान कर दी थी।हाई कोर्ट ने शरद यादव द्वारा अपनी अयोग्यता को विभिन्न आधार पर चुनौती देने वाली याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया था। यादव का कहना था कि राज्य सभा के सभापति ने 4 दिसंबर को उनके और एक अन्य सासंद अली अनवर को अयोग्य घोषित करने का फैसला सुनाने से पहले अपना पक्ष रखने के लिए कोई अवसर प्रदान नहीं किया।रामचन्द्र प्रसाद सिंह ने हाई कोर्ट में दोनों को अयोग्य करार देने का अनुरोध करते हुए कहा था कि उन्होंने पार्टी के निर्देश का उल्लंघन करते हुए पटना में विपक्षी दलों की सभा में शिरकत की थी। जदयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पिछले साल जुलाई में राजद और कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़कर भाजपा से हाथ मिलाने पर शरद यादव विपक्ष के साथ मिल गए थे।