7 साल पहले आज ही के दिन अमेरिकी कमांडो ने लादेन को उतारा था मौत के घाट

नई दिल्ली ( 2 मई ): खुंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन 7 साल पहले आज ही मारा गया था। ओसामा को अमेरिका के जाबांज नेवी सील कमांडो ने  2 मई 2011 मौत के घाट उतारा था। आतंकी संगठन अल कायदा का सरगना लादेन तब पाकिस्तान के एबटाबाद स्थित अपने ठिकाने में छिपा था। अफगानिस्तान के जलालाबाद से नेवी सील कमांडोज एबटाबाद पहुंचे थे और लादेन को ढेर किया था।अमेरिका को पहले से पता चल गया था कि लादेन पाकिस्तान में छिपा बैठा है। ऐसे में उसकी लोकेशन का पता लगाने का जिम्मा सीआईए ने पाकिस्तान के एक डॉक्टर शकील अफरीदी को दिया। एबटाबाद में नकली टीकाकरण अभियान के जरिए लादेन के पते को ट्रेस किया गया। शकील अफरीदी पिछले 7 साल से पाकिस्तान की जेल में कैद है।ऑपरेशन को बेहद खुफिया ढंग से चलाया गया था। अमेरिकी कमांडोज की ओर से चलाए गए अन्य मिशन के मुकाबले लादेन को मारने की कार्रवाई बेहद कठिन थी। पूर्व कमांडो रॉबर्ट ओ-नील के मुताबिक, मौत को सामने देखकर लादेन डर गया था। उसे अहसास हो गया था कि कमांडो उन्हें मारने आए हैं। लादेन के ऊपर कार्रवाई करने का आदेश ओबामा प्रशासन ने दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्रवाई के वक्त ओबामा अपने अधिकारियों के साथ घटना पर लाइव नजर रख रहे थे।इस्लामाबाद से करीब 130 किलोमीटर दूर स्थिति एबटाबाद शहर के जिस मकान में अपने परिवार के साथ रहता था उस मकान को भी ऐसे चुना गया था जिससे बाहरी दखल कम से कम हो, इंटरनेट और फोन नहीं था। मैसेज भेजने के लिए कुछ लोगों का इस्तेमाल किया जाता था, जो एक जगह से दूसरी जगह जाकर लादेन का मैसेज पहुंचाते। कुछ ऐसे ही लादेन के सहयोगी, सीआईए के चंगुल में आ गए और इससे लादेन के पाकिस्तान में छिपे होने का पता लगा था9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन ने अमेरिका के खिलाफ एक तरह के 'युद्ध' का ऐलान किया था, ऐसे में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पूरी शिद्दत से लादेन को ढूंढ निकालने में जुटे हुए थे। साल 2001 में ही अमेरिकी और अफगानिस्तानी सेना तोरा बोरा में लादेन को पकड़ने के करीब पहुंच गई थी लेकिन वो अफगानिस्तानी सीमा से होते हुए पाकिस्तान भाग गया था।