हनी ट्रैप गैंग में शामिल नोएडा पुलिस, एक दारोगा 3 सिपाही समेत 15 गिरफ्तार

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मोहम्मद यूसुफ, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 जून): कार में लिफ्ट लेकर सवार होने और फिर उस पर बलात्कार का झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेल करने वाले पुलिस के गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में सेक्टर-44 पुलिस चौकी का इंचार्ज, तीन सिपाही और दो महिला समेत 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

पकड़े गए लोगों के पास से रिश्वत में ली गई 50 हजार रुपये की नकदी और पीडि़त की होंडा सिटी कार भी बरामद हुई है। पूरा मामला दिल्ली से सटे नोएडा का है। यह गैंग महिला और युवतियों को इस्तेमाल शिकार को फंसाने के लिए करता था, लिफ्ट लेकर  युवती कार लिफ्ट लेकर सवार हो जाती, और दुष्कर्म के झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेल करती फिर चौकी इंचार्ज व उनके अन्य साथी समझौते के नाम पर उगाई करते थे।

 इस गिरोह की पूरी करतूत का पता पुलिस अधिकारियों को तब चला जब इस गैंग के एक शिकार एक पीडि़त की होंडा सिटी कार भी पुलिसकर्मियों नें जबरन चौकी पर खड़ी करा लिया। चौकी इंचार्ज सुनील शर्मा उससे एक लाख रुपये देने की मांग कर रहा था। पीडि़त ने इस बात की जानकारी एसएसपी को दी। 

उसके बाद कोतवाली सेक्टर-39 के प्रभारी निरीक्षक की ओर से थाना सेक्टर-39 में एफआईआर दर्ज कराई गई। इस मामले की जांच सीओ सिटी सेकेंड को सौंपी गई है। गिरफ्तार लोगों में सेक्टर-44 के चौकी प्रभारी उप निरीक्षक सुनील शर्मा, कांस्टेबल मनोज कुमार, अजयवीर सिंह, देवेंद्र कुमार, पीसीआर ड्राइवर विपिन सिंह, दुर्वेश कुमार, राजेश के अलावा सलीम, सतीश उर्फ अंकित, हरिओम शर्मा, सुरेश कुमार, देशराज, विनीता पत्नी सतीश और पूजा शामिल हैं। इनके कब्जे से पीडि़त से वसूली गई 50 हजार रुपये की नकदी और तीन कार बरामद की गई है।

वहीं, एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में सतीश उर्फ अंकित, सतीश की पत्नी विनीता और पूजा पहले से ही इस तरह के काम में लिप्त रही है। फरीदाबाद में वर्ष-2014 और 2017 में इसी प्रकार से पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने के मामले में जेल जा चुके हैं। इनके बाबत फरीदाबाद पुलिस से और जानकारी जुटाई जा रही है।