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महाराष्ट्र में सरकार दिसंबर तक! संजय राउत बोले- कोई 'तुगलक' NDA से कैसे निकाल सकता है

हमें एनडीए से निकालने का अधिकार किसके पास है? एनडीए का अध्यक्ष कौन है? ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई तुगलक हमें निकाल दे? हम एनडीए के फाउंडर थे। अगर हमें एनडीए से निकालना था तो घटक दलों की बैठक बुलानी चाहिए थी। क्या इसके लिए प्रकाश सिंह बादल, नीतीश कुमार से पूछा गया?"

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 नवंबर): तीन दशक से ज्यादा पुराना बीजेपी का साथ छूटने और अब सदन में विपक्षी बेंचों पर बैठने का मलाल शिवसेना को भी हो रहा है। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि कोई भी तुगलक हमें एनडीए से निकाल देगा। एनडीए से हमारा भावनात्मक रिश्ता था। संघीय सरकार से मंत्री के इस्तीफा का मतलब एनडीए से बाहर हो जाना नहीं है। संजय राउत ने सवाल उठाया कि शिवसेना को एनडीए से बाहर करने से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के बीच कोई चर्चा क्यों नहीं की गई? एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने के मुद्दे पर संजय राउत ने कहा कि दिसंबर तक सरकार बन जायेगी और शिव सेना का मुख्यमंत्री होगा।

आज (सोमवार) से शुरू हो रहे संसद सत्र के दौरान शिवसेना के सांसद विपक्ष की कुर्सियों पर बैठेंगे। इसका ऐलान संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने किया। संसद सत्र के लिए दिल्ली पहुंचे संजय राउत ने एक मीडिया कर्मी से अधिकारिक तौर पर कहा "हम जमीन पर बैठने को तैयार हैं। शिवसेना ने हमेशा सड़क की राजनीति की है, जनता और किसानों की राजनीति की है। लेकिन एनडीए से निकालने वाली बात हास्यास्पद है। हमें एनडीए से निकालने का अधिकार किसके पास है? एनडीए का अध्यक्ष कौन है? ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई तुगलक हमें निकाल दे? हम एनडीए के फाउंडर थे। अगर हमें एनडीए से निकालना था तो घटक दलों की बैठक बुलानी चाहिए थी। क्या इसके लिए प्रकाश सिंह बादल, नीतीश कुमार से पूछा गया?"

शिवसेना को एनडीए से निकाले जाने को मनमानी करार देते हुए राउत ने कहा कि "ऐसी मनमानी अटल जी के जमाने में नहीं थी। एक साथ बैठ कर चर्चा होती थी। लेकिन आज ये नहीं रहा।'' राउत ने ये भी कहा कि एनडीए एक भावनात्मक रिश्ता था लेकिन जिनसे रिश्ता था वो लोग अब नहीं रहे। एनडीए का अस्तित्व बचाने के लिए किसी ने मदद नहीं की। राउत ने ये दावा भी किया कि एक दिन नीतीश कुमार को भी एनडीए से निकाला जाएगा।

संजय राउत से जब यह कहा गया कि शिवसेना के मंत्री ने तो केंद्र सरकार से इस्तीफा दे दिया। इस पर राउत ने कहा कि सरकार से इस्तीफा देने का मतलब क्या हम एनडीए से अलग हो गए? राउत ने कहा कि मंत्री पद त्यागने का दुख नहीं है लेकिन जिस तरह व्यवस्था का दुरुपयोग किया जा रहा है उसका दुख है। महाराष्ट्र में सरकार गठन के सवाल पर राउत ने कहा कि दिसम्बर में नई सरकार बन जाएगी और शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा। राउत ने दावा किया कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि शरद पवार सोनिया गांधी से मिलेंगे इसके बाद हम भी मिलेंगे और सत्ता में भागीदारी की रूपरेखा तय की जाएगी। 

Images Courtesy:Google

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